सिंगरौली: बिलौजी स्थित बजाज एजेंसी के समीप मंगलवार को हुई मारपीट और पथराव की घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। वहीं, घटना के पीछे शराब के लेन-देन से जुड़े विवाद की आशंका सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बोलेरो वाहन से पहुंचे कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से मारपीट की और पथराव किया। घटना के बाद शहर के बाजार में इसकी चर्चा तेज हो गई। सूत्रों के अनुसार विवाद की कड़ी शराब के लेन-देन से जुड़ी होने की बात कही जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि शहर में करीब दो दर्जन स्थानों पर शराब परोसे जाने और कारोबार से जुड़ी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसी संभावित शराब कारोबार को दोनों गुटों के बीच हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही यह सामने आएगा कि संघर्ष की असली वजह क्या थी और शराब कारोबार की इसमें कितनी भूमिका रही। शहर के बीच शराब परोसे जाने के आरोपों ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि यदि ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो उन पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फुटेज से बोलेरो वाहन की पहचान, उसमें सवार लोगों और मारपीट में शामिल आरोपियों की गतिविधियां स्पष्ट होने की संभावना है। साथ ही घटना से पहले और बाद की स्थिति भी सामने आ सकती है।खास बात यह है कि घटनास्थल कलेक्टर बंगले, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कोतवाली थाना के नजदीक है। ऐसे संवेदनशील इलाके में दिनदहाड़े मारपीट और पथराव की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस की जांच, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की गिरफ्तारी से ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होगी।
