मौजूदा दौर की राजनीति में रेवड़ी संस्कृति बढ़ती जा रही है. अर्थव्यवस्था की दृष्टि से ये रेवड़ी संस्कृति (या अप संस्कृति) हमारे देश को भारी पडऩे वाली है! देश के अर्थशास्त्री और समाजशास्त्री इस पर लंबे समय से चिंता जाता रहे हैं. यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी रेवड़ी […]

2024 के लोकसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को संपन्न हो जाएगा. अब तक सभी राजनीतिक दलों ने अपने घोषणा पत्र या संकल्प पत्र जारी कर दिए हैं. इन घोषणा पत्रों से पता चलता है कि इनमें शिक्षा को बहुत अधिक महत्व नहीं दिया गया है. भाजपा […]

क्या हमारा देश कर्ज की जाल में फंस रहा है.यह देश के नीति निर्धारकों के लिए गंभीर प्रश्न है. चिंता यह है कि देश में घरेलू कर्ज़़ की बढ़ोतरी रुक नहीं रही है. कर्ज के ये आंकड़े ज़्यादा पुराने नहीं हैं,दिसंबर 2023 में घरेलू कर्ज अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंच […]

दुनिया के समक्ष ईरान और इजरायल युद्ध का नया खतरा मंडराने लगा है. शनिवार आधी रात को ईरान ने इसराइल पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला कर दिया. जाहिर है इजरायल भी चुप रहने वाला नहीं है. इसके पहले हमास के कारण गाजा पट्टी युद्ध का विध्वंस सहन कर चुकी […]

चुनाव आते ही सभी राजनीतिक दलों ने अपने घोषणा और संकल्प पत्रों का ऐलान शुरू कर दिया है. यह एक तरह का चुनावी कर्मकांड है जिसे सभी राजनीतिक दल निभाते हैं. सभी घोषणा पत्रों को देखने से पता चलता है कि मध्यम वर्ग का ध्यान सबसे कम रखा गया है. […]

देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय विष्णु चंद्रचूड़ ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान न्यायिक सुधार पर नए सिरे से बहस छेडऩे की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से न्यायालय में प्रकरण लंबित रहते हैं और न्यायाधीश सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखते हैं […]

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका और यूरोपीय देश हमेशा श्रेष्ठता के अहंकार में रहते हैं. उन्हें लगता है कि मानवतावाद, लोकतंत्र और स्वतंत्रता केवल उन्हीं के पास है.अमेरिका तो खुद को दुनिया का कोतवाल समझता है.पता नहीं उसे क्यों लगता है कि उसे प्रत्येक देश के अंदरूनी मामले में हस्तक्षेप करने का […]

कितनी दुखद स्थिति है कि जिस भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) की गणना देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में होती है.कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद छात्रों को इन संस्थानों में प्रवेश मिलता है, जहां पढ़ाई एवं प्रशिक्षण का स्तर बहुत कठिन होता है. इसके बावजूद इस वर्ष वहां […]

वह दौर गया जब राजनीति देश सेवा या समाज सेवा के लिए होती थी. स्वाधीनता संग्राम का समूचा दौर इसी तरह की राजनीति का था. मोहनदास करमचंद गांधी का महात्मा गांधी में रूपांतरण इसी तरह की राजनीति के कारण हुआ लेकिन मौजूदा दौर में लगता है राजनीति केवल सत्ता के […]

कांग्रेस ने गुरुवार को अपने घोषणा पत्र का ऐलान किया है.भाजपा भी जल्दी ही अपना घोषणा पत्र जारी करने वाली है.अन्य दल भी अपना घोषणा पत्र या संकल्प पत्र जारी करेंगे. जिस तरह महंगाई, बेरोजगारी, औद्योगिकरण,आंतरिक सुरक्षा, कानून और व्यवस्था, महिलाओं,आदिवासियों,अल्पसंख्यकों और युवाओं की समस्याएं महत्वपूर्ण हैं.उसी तरह पर्यावरण संरक्षण […]