इंदौर: शहर में 31 किलोमीटर मेट्रो रेल चलाने के लिए 19 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है, जिससे शहर कुछ 1 प्रतिशत जनता को लाभ मिलेगा. इसके उलट शहर में 8 आधारभूत संरचनाओं के लिए नए सिरे से 18 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी. वह भी शहर की 35 लाख जनसंख्या अनुपात में.शहर के सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने मेट्रो ओर शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं और मेट्रो के बीच के अंतर को उजागर किया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर की जनसंख्या के हिसाब से सिर्फ 31 किलोमीटर मेट्रो रेल चलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार 19000 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है. 19 हजार करोड़ रुपए से सिर्फ एक प्रतिशत जनता को लाभ मिलेगा.
कोडवानी ने सवाल खड़े करते हुए बताया कि शहर में 35 लाख जनसंख्या के लिए अधोसंरचना विकास हेतु 18 करोड़ रुपए चाहिए होंगे. उक्त 18 हजार करोड़ रुपए से नर्मदा, सड़क, बिजली स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, यातायात, लोक परिवहन, कचरा और बारिश का पानी के लिए उल्ट राशि की आवश्यकता होगी. उन्होंने अहूलवालिया कमेटी का उल्लेख करते हुए बताया कि 1.3 प्रतिशत की वृद्धि शहरों में हो रही है. इससे समझा जा सकता है कि अभी शहर 49 प्रतिशत नर्मदा लाइन और 68 ड्रेनेज लाइन ही डाल पाई है. शहर में मूलभूत व्यवस्थाओं के लिए ही हजारों करोड़ रुपए चाहिए, जिसका लाभ शहर की जनता को आवश्यक होगा
