व्रत धार्मिक आस्था के साथ-साथ शरीर को हल्का और ऊर्जावान रखने का भी अच्छा अवसर माना जाता है। व्रत के दौरान हर बार वही कुट्टू की पूरी, आलू की सब्जी या साबूदाना खाकर बोर हो जाते हैं। अगर इस बार आप कुछ नया और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो ऐसी फलाहारी रेसिपीज चुन सकते हैं जो स्वाद के साथ-साथ पोषण भी दें। आइए जानते हैं ऐसी 5 आसान और हेल्दी रेसिपी के बारे में।

कुट्टू के आटे का पिज्जा बनाने के लिए बेस कुट्टू के आटे से तैयार किया जाता है, जबकि टॉपिंग में व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां, पनीर और सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। चाहें तो दही से तैयार हल्का-सा फलाहारी सॉस भी लगा सकते हैं। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

समा के चावल ग्लूटेन-फ्री होते हैं और इनमें प्रोटीन व आयरन भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ हड्डियों और मांसपेशियों को भी मजबूती देने में मदद करता है। इसे हरी मिर्च, अदरक और सेंधा नमक के साथ आसानी से तैयार किया जा सकता है।

शकरकंद में विटामिन A और विटामिन C अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी सामान्य मिठाइयों की तुलना में कम होता है, जिससे यह अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जाता है। देसी घी और ड्राई फ्रूट्स के साथ तैयार किया गया शकरकंद का हलवा स्वाद के साथ पोषण भी देता है और इम्युनिटी को सपोर्ट करने में मदद करता है।

लौकी में पानी और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए यह एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मदद कर सकती है। समा चावल के साथ इसका स्वाद और भी अच्छा लगता है।

साबूदाना में मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करते हैं। वहीं मूंगफली प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत है। इसमें नींबू का रस और सेंधा नमक मिलाने से इसका स्वाद भी बढ़ जाता है और पोषण भी। व्रत के दौरान सिर्फ एक कटोरी साबूदाना खिचड़ी लंबे समय तक पेट भरा रखने और थकान कम करने में मदद कर सकती है।

देसी घी में भुने हुए मखाने में हरी चटनी, इमली की चटनी, कटा हुआ खीरा, सेब डालकर मिक्स कर लें। चाहे तो आप अपना मनपसंद फल जैसे अनार दाना और अंगूर भी डाल सकते हैं। मखाना भेल तैयार है।
