भोपाल। “भोपाल में साइबर अपराध अब सिर्फ ऑनलाइन ठगी तक सीमित नहीं रह गए हैं। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी इन्वेस्टमेंट, OLX फ्रॉड, KYC अपडेट और WhatsApp कॉल के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई मिनटों में गायब हो रही है। सवाल ये है कि आखिर भोपाल में साइबर अपराध कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं? पुलिस किन नए फ्रॉड से लोगों को सावधान कर रही है? और आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।”
“भोपाल में हर महीने साइबर फ्रॉड की दर्जनों शिकायतें पुलिस तक पहुंच रही हैं। साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। पहले OTP और बैंक कॉल का झांसा दिया जाता था, लेकिन अब डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या CBI अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करना, शेयर मार्केट और क्रिप्टो में भारी मुनाफे का लालच देना, टेलीग्राम टास्क और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी जैसे नए तरीके सामने आ रहे हैं।”
“साइबर ठग सबसे पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर डर या लालच का इस्तेमाल कर बैंक डिटेल, OTP या स्क्रीन शेयरिंग के जरिए खाते खाली कर देते हैं। कई मामलों में पीड़ितों को घंटों तक वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।”
“पुलिस का कहना है कि अगर किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, स्क्रीन शेयर करने या OTP बताने से बचा जाए तो ज्यादातर साइबर अपराध रोके जा सकते हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत शिकायत करना भी बेहद जरूरी है।”
“साइबर एक्सपर्ट्स लोगों को सलाह देते हैं कि बैंक या सरकारी एजेंसी कभी भी फोन पर OTP या पासवर्ड नहीं मांगती। किसी भी अनजान ऐप को इंस्टॉल न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें। अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।”
“तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, साइबर अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। थोड़ी सी सावधानी आपकी वर्षों की कमाई बचा सकती है। नवभारत की ओर से दीपक तिवारी की रिपोर्ट, भोपाल।”
