ऑस्कर से लेकर ग्लोबल मंच तक गूंजा हिंदी गीतों का जादू, जानें इन आइकॉनिक गानों की पूरी कहानी

मुंबई, भारतीय सिनेमा के कुछ कालजयी गीतों ने न केवल देशवासियों के दिलों पर राज किया, बल्कि सीमाओं के परे ग्लोबल मंचों पर हिंदी भाषा का झंडा फहराया है।

साल 1955 में आई फिल्म ‘श्री 420’ का फेमस गाना ‘मेरा जूता है जापानी’ भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है। गीतकार शैलेन्द्र द्वारा रचित और राज कपूर पर फिल्माया गया यह गीत रूस समेत कई एशियाई और यूरोपीय देशों में पॉपुलर हुआ।

साल 2008 में रिलीज हुई फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के आकॉनिक सॉन्ग ‘जय हो’ ने ग्लोबल म्यूजिक इंडस्ट्री में नया इतिहास रच डाला। महान संगीतकार ए.आर. रहमान द्वारा तैयार किए गए इस एनर्जैटिक गीत ने ऑस्कर और ग्रैमी जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए।

साल 1997 में रिलीज हुआ ए.आर. रहमान का एलबम ‘वंदे मातरम’ और उसका मुख्य गीत ‘मां तुझे सलाम’ हर भारतीय के लिए एक भावना बन गया। इस शक्तिशाली रचना ने विश्व में बसे भारतीयों के दिलों में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई।

इसके बाद साल 2004 में आई शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ का गीत ‘ये जो देस है तेरा’ अपनी सादगी और मर्मस्पर्शी बोलों के कारण अमर हो गया। अपने देश से जुड़ाव और मिट्टी की अनमोल भावना को बयां करने वाला यह गीत आज भी अपनी जड़ों की याद दिलाता है।

साल 2007 में आई शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ का टाइटल सॉन्ग हर भारतीय के अंदर गजब का जोश और राष्ट्रीय एकता की भावना भर देता है। सुखविंदर सिंह की बुलंद आवाज में गाया गया यह खेल गीत केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत के हर कोने में खेल और राष्ट्रीय गौरव का पर्याय बन गया।

Next Post

'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, फिर भी ऑस्कर 2026 की एंट्री से चूकी

Sun Sep 13 , 2026
मुंबई, ‘हनुमान अंश’ ऑस्कर 2026 की रेस से बाहर हो गई है। प्रोड्यूसर नम्रता सिंह ने बताया कि टीम छोटी होने और काम के दबाव के चलते 7 सितंबर की ऑस्कर सब्मिशन डेडलाइन मिस हो गई। सिनेमाघरों से लेकर बॉक्स ऑफिस तक इन दिनों फिल्म ‘हनुमान अंश’ की खूब चर्चा […]

You May Like