नयी दिल्ली, 14 जनवरी (वार्ता) दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को राजधानी में बढ़ती लीवर बीमारियों से निपटने के लिए ‘दिल्ली मॉडल’ का शुभारंभ किया। यह घोषणा इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) के 16वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर की गई।
स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने इस अवसर पर आईएलबीएस की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने बीते 16 वर्षों में इलाज, शोध और जन-जागरूकता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार आईएलबीएस को हर आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। मंत्री ने यह भी कहा कि निदेशक डॉ. एसके सरीन द्वारा वार्षिक रिपोर्ट में रखी गई सभी जरूरतों को सरकार पूरा करेगी।
श्री सिंह ने कहा, “आईएलबीएस सिर्फ दिल्ली ही नहीं, पूरे देश के लिए एक आदर्श संस्थान बन चुका है। यहां के डॉक्टरों, नर्सों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है।”
इस अवसर पर डॉ. सरीन ने वर्ष आईएलबीएस की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष संस्थान में 1.6 लाख से अधिक मरीजों ने इलाज कराया, 11,000 से अधिक आपातकालीन मामले आए और 162 लीवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए।
स्वस्थ लीवर का दिल्ली मॉडल एक समग्र जनस्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य फैटी लीवर जैसी बीमारियों की जल्दी पहचान, रोकथाम और सही इलाज सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, फैटी लीवर बीमारी आज लगभग हर तीन में से एक वयस्क को प्रभावित कर रही है, जो आगे चलकर गंभीर रोगों में बदल सकती है।
इसके लिये लोगों में लीवर स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी, मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा होगी, जरूरत पड़ने पर मरीजों को बड़े अस्पतालों से जोड़ा जाएगा, जीवनशैली सुधार, पोषण सलाह और नियमित फॉलो-अप पर जोर होगा।
आईएलबीएस ने इस मौके पर ‘लिवर ज्ञान’ नामक एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की। इसके माध्यम से लोगों को लीवर रोगों की सही जानकारी, बचाव के उपाय और इलाज से जुड़ी सलाह दी जाएगी।
