मुंबई, 21 जुलाई (वार्ता) सोनी सब के धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे अभिनेता जितेन लालवानी का कहना है कि एक सच्चा गुरु केवल कौशल नहीं सिखाता, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, मूल्यों और आत्मविश्वास को भी आकार देता है।जितेन लालवानी ने अपने किरदार के बारे में कहा कि द्रोणाचार्य की भूमिका निभाना उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि दर्शकों को इस धारावाहिक में द्रोणाचार्य का ऐसा रूप देखने को मिलेगा, जो युवा पांडवों और कौरवों के व्यक्तित्व को आकार देने वाले गुरु के रूप में सामने आता है।
जितेन ने कहा, “द्रोणाचार्य का किरदार निभाते हुए मुझे एहसास होता है कि सच्चा गुरु केवल कोई कौशल नहीं सिखाता, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, मूल्यों और आत्मविश्वास को भी गढ़ता है। यह ऐसी बात है जिस पर मैं गहराई से विश्वास करता हूं।” उन्होंने कहा कि ‘हस्तिनापुर के वीर’ में दर्शकों को द्रोणाचार्य का अधिक मानवीय और संवेदनशील पक्ष देखने को मिलेगा। यह धारावाहिक पांडवों और कौरवों के बचपन की कहानी को सामने लाता है, जहां द्रोणाचार्य एक गुरु के रूप में उनके व्यक्तित्व और मूल्यों को आकार देते नजर आते हैं।
जितेन ने कहा कि शो के बाल कलाकार बेहद प्रतिभाशाली हैं और उनके साथ काम करते हुए गुरु-शिष्य का रिश्ता स्वाभाविक रूप से विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑफस्क्रीन भी वह बच्चों को अभिनय के साथ-साथ अनुशासन, धैर्य और विनम्रता जैसे गुणों के महत्व के बारे में बताते हैं। उन्होंने कहा कि लोग द्रोणाचार्य को अक्सर एक सख्त गुरु के रूप में जानते हैं, लेकिन इस शो में उनके करुणामय और देखभाल करने वाले व्यक्तित्व को भी दिखाया गया है। उनके अनुसार अनुशासन सफलता का आधार है और यही किसी भी व्यक्ति को लंबे समय तक आगे बढ़ने में मदद करता है। जितेन ने कहा कि इस धारावाहिक से माता-पिता और बच्चे यह सीख सकते हैं कि बचपन में दिए गए संस्कार और मूल्य ही भविष्य की मजबूत नींव बनते हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ विनम्रता, सम्मान, धैर्य और ईमानदारी जैसे गुण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। ‘हस्तिनापुर के वीर’ का प्रसारण सोनी सब पर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे किया जाता है।

