लंदन, पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां शुरुआती दो टेस्ट मैचों में करारी हार के बाद अब पीसीबी ने तीसरा टेस्ट शुरू होने से पहले ही कई खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और पाकिस्तानी आउटलेट 365 News के दावों के अनुसार, सीरीज के बीच में इस तरह अचानक फोन जब्त किए जाने से खेल जगत में एक बार फिर मैच फिक्सिंग और भ्रष्ट गतिविधियों के संदेह की अफवाहें तेजी से फैल गई हैं।
खिलाड़ियों की निजता पर उठे गंभीर सवाल, सीरीज खत्म होने तक बोर्ड के पास रहेंगे फोन
सामने आई जानकारी के मुताबिक, जब्त किए गए ये मोबाइल फोन आखिरी टेस्ट मैच के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही संबंधित खिलाड़ियों को वापस लौटाए जाएंगे। हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की ओर से अभी तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कदम किसी सामान्य अनुशासनात्मक प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, लेकिन इस कार्रवाई ने खिलाड़ियों की व्यक्तिगत निजता और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आईसीसी के सख्त नियम और पाकिस्तानी क्रिकेट का पुराना फिक्सिंग इतिहास
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के भ्रष्टाचार रोधी नियमों के तहत मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम या संवेदनशील इलाकों में मोबाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होता है, लेकिन इस तरह सीरीज के बीच खिलाड़ियों के निजी फोन लंबे समय तक सीज करना एक असाधारण घटना है। इस पूरे घटनाक्रम ने साल 2010 के उस कुख्यात इंग्लैंड दौरे की यादें ताजा कर दी हैं, जब सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर जैसे पाकिस्तानी खिलाड़ी स्पॉट फिक्सिंग के मामलों में लिप्त पाए जाने के बाद प्रतिबंधित हुए थे।

