तेहरान, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने एक कड़ा बयान जारी किया है। रविवार को एक सरकारी ब्रॉडकास्टर साक्षात्कार में रेजाई ने स्पष्ट किया कि सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रहना पूरी तरह से वाशिंगटन के सैन्य रवैये पर निर्भर करता है, और यदि अमेरिका ईरान पर हमले या धमकियां देना बंद कर दे तभी यह जलमार्ग खुला रखा जा सकता है।
नए प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र की तैयारी, तय जोन में घुसने वाले जहाजों पर लगेगी रोक
ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने यह भी घोषणा की है कि तेहरान आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट के बाहर एक नए प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र की योजना बना रहा है, जिससे फारस की खाड़ी के कई हिस्सों में पाबंदियां और अधिक बढ़ जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी लाइन से जुड़े इस नए जोन में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जिससे वैश्विक ऊर्जा व्यापार और शिपिंग की स्थिति को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
सैन्य ठिकानों पर हमलों और हिजबुल्लाह की स्थिति पर ईरान का बड़ा दावा
इस दौरान मोहसेन रेजाई ने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना ने जॉर्डन स्थित टाइटन बेस और एरबिल के अमेरिकी सैन्य अड्डों की पहचान कर ली थी, लेकिन संयम बरतते हुए जानबूझकर उन पर हमला नहीं किया। इसके अलावा, मध्य पूर्व के हालातों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इजरायली सेना के निरंतर सैन्य दबाव के बावजूद लेबनान में हिजबुल्लाह का पलड़ा हमेशा भारी रहा है।

