
इंदौर। कांग्रेस भागीरथपुरा पीड़ितो की लड़ाई लड़ रही है और जब तक सरकार मांगे पूरी नहीं करती है, तब तक विरोध, प्रदर्शन, आंदोलन चलता रहेगा। अमेरिका से ट्रेड डील में देश के किसानों, इंडस्ट्रियों और मजदूरों का नुकसान होगा। यह बात कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मीडिया से चर्चा में कही।
कांग्रेस की फायर ब्रांड प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत आज भागीरथपुरा क्षेत्र और शहर की बस्तियों में युवक कांग्रेस के दूषित पानी आंदोलन में शामिल हुई। इस दौरान उन्होंने बस्तियों में जाकर दूषित पानी की स्थिति का जायजा लिया।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से 32 लोग मर चुके है। यह मौत सुनियोजित हत्याएं है। देश में भाजपा सरकार साफ पानी दे नहीं सकती है और विकास के बड़े बड़े दावे कर रही है। गरीब आदमी शुद्ध पानी के लिए परेशान हैं।
कांग्रेस 32 लोगों की मौत पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा, महापौर पर हत्या का प्रकरण और मृतकों के परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग कर रही है। कांग्रेस की पीड़ितों के लिए सरकार से मांग पूरी नहीं होती, तब तक कांग्रेस आंदोलन जारी रखेगी।
इसके बाद सुप्रिया श्रीनेत ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ट्रेड डील कई महीनों से अटकी थी और आधे घंटे में फाइनल हो गई। ऐसा क्या हुआ ? प्रधानमंत्री थैंक्स कह रहे है, किस बात का थैंक्स ? इस बात का थैंक्स कि 18 प्रतिशत टैरिफ हम पर लागू और अमेरिका के कृषि, डेयरी और अन्य प्रोडक्ट के इंपोर्ट पर 0 प्रतिशत टैरिफ। वेनेजुएला से तेल खरीदने और रूस से नहीं खरीदने की बात डोनाल्ड ट्रंप करते है। क्या अमेरिका तय करेगा कि भारत किससे तेल खरीदे और नही खरीदे ?
अमेरिका ट्रेड डील से देश के किसानों, फैक्ट्रियों और मजदूरों को भारी नुकसान होगा।
भारत की भूमिका हमेशा अहिंसा, शांति और नैतिक धुरी बनने की रही है। आज भाजपा राष्ट्रीय सुरक्षा की सबसे बड़ी विरोधी है।
देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी जनरल नरवने की किताब को लेकर बात देश की सुरक्षा पर बात करने वाले थे।
उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य और बटुको की शिखा खींचने की घटना और अहिल्या बाई द्वारा स्थापित मूर्तिया तोड़ी जा रही है और लोगों में आक्रोश है।
उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन मिल कर चुनाव लड़ेगा और इस बारे में शीर्ष नेतृत्व तय करेगा।
