वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन का बड़ा इनाम मिलने जा रहा है। उनके बल्ले को स्पॉन्सर करने के लिए कई कंपनियां रेस में हैं।
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में ही भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है। अंडर-19 क्रिकेट से लेकर आईपीएल 2026 तक, जिस तरह उन्होंने बल्लेबाजी की है, उसने हर किसी को प्रभावित किया है। सिर्फ 15 साल की उम्र में बड़े-बड़े गेंदबाजों पर हमला बोलने वाले वैभव अब भारतीय टीम के दरवाजे पर दस्तक देते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिल सकता है। राजस्थान रॉयल्स ने नवंबर 2024 की मेगा नीलामी में उन्हें 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन अब उनकी कीमत और लोकप्रियता दोनों तेजी से बढ़ रही हैं।
आईपीएल 2026 में बल्ले से मचाया तूफान
राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने पूरे सीजन में विस्फोटक अंदाज में रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने 15 मुकाबलों में 680 रन ठोक दिए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 240 का रहा। उन्होंने कई मैचों में अकेले दम पर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। खास बात यह रही कि वैभव ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि मैदान के हर कोने में बड़े शॉट लगाकर फैंस को भी खूब रोमांचित किया।
ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल
लगातार शानदार प्रदर्शन का असर अब वैभव की कमाई पर भी दिखने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल उन्हें बैट स्पॉन्सरशिप से हर साल करीब 50 लाख रुपये मिल रहे हैं। हालांकि उनका मौजूदा करार ऐसा है, जिसमें बेहतर ऑफर मिलने पर वह नई डील कर सकते हैं। यही वजह है कि अब कई बड़ी कंपनियां उनसे जुड़ने की कोशिश में लगी हुई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप और टायर कंपनियां भी उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहती हैं।
12 करोड़ तक पहुंचा ऑफर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वैभव सूर्यवंशी को बैट स्पॉन्सरशिप के लिए करीब 12 करोड़ रुपये सालाना तक का प्रस्ताव मिला है। इतना ही नहीं, कुछ कंपनियां उन्हें अपनी शर्तों पर रकम तय करने की छूट देने को भी तैयार बताई जा रही हैं। इतनी कम उम्र में इस तरह की डील मिलना अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है।
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने 29 गेंदों पर 97 रन की तूफानी पारी खेली थी। इस दौरान वह क्रिस गेल के सबसे तेज आईपीएल शतक के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे। मुकाबले के बाद वैभव ने कहा, “मुझे आउट होने के बाद पता चला कि रिकॉर्ड छूट गया। मेरा पूरा ध्यान टीम के लिए तेजी से रन बनाने पर था। शतक आगे भी आ जाएंगे, लेकिन टीम के लिए योगदान देना ज्यादा जरूरी है।”
