मुंबई, 15 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता अली फ़ज़ल ने कहा है कि उन्होंने अपने पूरे करियर में किसी एक लोकप्रिय किरदार तक सीमित रहने के बजाय विविध भूमिकाओं और अलग-अलग तरह की कहानियों को चुनने को प्राथमिकता दी है तथा हमेशा अपने काम को ही अपनी पहचान बनने दिया है।हाल ही में रिलीज़ फिल्म ‘राख’ में एसआई जय प्रकाश के किरदार के लिए अली फ़ज़ल को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। दर्शकों का मानना है कि जय प्रकाश का किरदार अली के चर्चित किरदार गुड्डू पंडित से बिल्कुल अलग है।
फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया पर अली ने कहा, “लंबे समय तक मुझे अलग-अलग तरीकों से यह महसूस कराया गया कि मैं तय किए गए ढांचे में फिट नहीं बैठता। कभी मेरी फिल्मों के चुनाव पर सवाल उठे, कभी मेरी शख्सियत पर और कभी इसलिए क्योंकि मैं उस फॉर्मूले पर नहीं चल रहा था जिसे लोग सफलता का रास्ता मानते थे। समय के साथ मैंने समझा कि हर कलाकार का अपना अलग सफर होता है। मेरा सफर हमेशा उन कहानियों को चुनने का रहा है जिन पर मुझे भरोसा था और इस विश्वास के साथ आगे बढ़ने का कि मेरा काम एक दिन अपने दर्शकों तक जरूर पहुंचेगा।”
अली ने कहा कि उन्होंने अपने करियर को कभी किसी के खिलाफ संघर्ष के रूप में नहीं देखा, बल्कि चुपचाप अपने काम को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, “चाहे स्वतंत्र फिल्में हों, अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स, व्यावसायिक सिनेमा या लंबी फॉर्मेट की कहानियां, मेरी कोशिश रही कि हर अनुभव मुझे एक बेहतर अभिनेता बनाए। आज का दर्शक बेहद जागरूक है और अलग-अलग तरह की कहानियों को अपनाने के लिए तैयार है।” अपने किरदार जय प्रकाश के बारे में अली ने कहा कि वह पूरी तरह अलग दुनिया का इंसान है। “वह बेहद सजग, धैर्यवान है और जिम्मेदारियों का बोझ भी अलग तरीके से उठाता है।
यह देखकर खुशी होती है कि लोग उसके बारे में बात कर रहे हैं और उससे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। इससे मुझे लगता है कि आज का दर्शक अलग तरह के नायकों और अभिनय को भी खुले दिल से स्वीकार कर रहा है।” अली ने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि उनका पूरा करियर किसी एक सफल किरदार तक सीमित होकर रह जाए। उन्होंने कहा, “यदि गुड्डू मेरे सफर का एक हिस्सा है, तो जय प्रकाश जैसे किरदार उसका दूसरा उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मैं हमेशा अलग-अलग दुनिया और शैलियों के बीच काम करना चाहता था और जब दर्शक दोनों को अपनाते हैं, तो एक अभिनेता के तौर पर आगे भी नए प्रयोग करने का आत्मविश्वास मिलता है।”

