मुंबई 19 अगस्त (वार्ता) पिछले दो दिनों से महाराष्ट्र के कई इलाकों में बादल फटने जैसी मूसलाधार बारिश के कारण मंगलवार को मुंबई तथा आसपास के इलाकों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और मुंबई के मैसूर कॉलोनी के पास बिजली गुल होने के बाद मोनोरेल के चार डिब्बे लगभग दो घंटे से फंसे रहे जिसमें सवार 200 से अधिक यात्रियों को बचाव टीमों ने सुरक्षित बाहर निाकला।
पिछले रात भर से हो रही लगातार बारिश के कारण शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवा बाधित हो गयी , जिससे कई लोग फंस गए।
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक मूसलाधार बारिश के बाद मीठी नदी के उफान पर आने के कारण मुंबई के कुर्ला इलाके से लगभग 350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। उन्होंने कहा “मुंबई में बारिश लगातार जारी है, आज सुबह चार बजे से 11 बजे तक औसतन 150 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गयी। उपनगरों में तो और भी ज्यादा बारिश हुई है। मीठी नदी का जलस्तर 3.9 मीटर तक बढ़ गया है और कुर्ला क्रांतिनगर के 350 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और नगर आयुक्त हालात पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं।”
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने स्थिति का जायजा लेने के लिए आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष का दौरा किया । उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया राज्य में व्यापक बारिश के कारण लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। बारिश की तीव्रता कम होने के बाद नुकसान का आकलन शुरू होगा।”
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद कहा, “मुंबई और उसके उपनगरों में बाढ़ आ गई है। कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। छह घंटे में 200 मिमी और 24 घंटे में 300 मिमी बारिश हुई। इसके कारण मिठी नदी में भी बाढ़ आ गयी है। नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी काम कर रहे हैं। 525 पंप चालू कर दिए गए हैं और 10 छोटे पंपिंग स्टेशन हैं। होल्डिंग तालाब भी ओवरफ्लो हो गए हैं। उन्होंने कहा “यह स्थिति कम समय में हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न हुई है। मिठी नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए, हमने 300 लोगों को निकाला है। मुंबई में जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए सभी लोग मैदान में काम कर रहे हैं। छह पंपिंग स्टेशन भी काम कर रहे हैं।”
इस बीच मुंबई में आज मूसलाधार बारिश के बीच बिजली गुल होने के बाद लगभग दो घंटे से फंसी एक मोनोरेल की खिड़की तोड़कर उसमें सवार 200 से ज्यादा यात्रियों को बाहर निकाला गया।
आधिकारिक सूत्रों ने के मुताबिक मैसूर कॉलोनी के पास कई फीट ऊंचे ट्रैक पर एक मोड़ पर फंसी चार डिब्बों वाली मोनोरेल को बचावकर्मियों ने पहले एक अन्य मोनोरेल की मदद से समीप के स्टेशन तक खींचने की कोशिश की, लेकिन ब्रेक जाम रहे। मौके पर मौजूद मोनोरेल की संचालन और रखरखाव टीमों ने रात साढ़े आठ बजे तक उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकाल लिया।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने बताया कि एलिवेटेड ट्रैक पर चलने वाली मोनोरेल की रेक बिजली की समस्या के कारण मैसूर कॉलोनी स्टेशन के पास फंस गयी थी।
मुंबई के नगर निगम अधिकारियों ने आज मीठी नदी के आस-पास के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले निवासियों से सतर्क रहने और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण नगर निगम द्वारा बनाए गए कुछ जल संचयन तालाब भी ओवरफ्लो हो गए। विहार, तुलसी और पवई झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश होने और जलाशयों के लबालब भर जाने के बाद अतिरिक्त पानी मिठी नदी में बह गया, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ गया।
मध्य रेलवे के चूनाभट्टी स्टेशन पर जलभराव के कारण ठाणे और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बीच मध्य रेलवे की उपनगरीय ट्रेन सेवा पूरी तरह से बंद कर दी गई, जबकि सीएसएमटी से हार्बर लाइन पर ट्रेन सेवाएं अगली सूचना तक स्थगित कर दी गईं। रेलवे पटरियों पर भारी जलभराव के कारण यह निर्णय लिया गया। रेल प्रशासन ने केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने के निर्देश दिए हैं। आज सुबह से धीमी गति से चल रही रेल सेवा, बारिश तेज़ होने और रेल पटरियों पर पानी भर जाने के कारण सुबह 11:30 बजे के बाद ठप हो गई। रेलवे पटरियों पर पानी भर जाने के कारण हार्बर सेवा बंद कर दी गई, जबकि मध्य रेलवे पर कुर्ला-सीएसएमटी लोकल ट्रेन भी बंद कर दी गई। लोकल ट्रेनों के बंद होने के कारण यात्रियों को नज़दीकी रेलवे स्टेशन तक पैदल जाना पड़ा। भारी बारिश और उसके कारण हुई परेशानी ने रेल यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया।
