किरदार बदले, कहानियां बदलीं नहीं बदला तो परेश रावल का चार्म…बाबूराव गणपत राव आपटे यानी परेश रावल उर्फ बाबू भइया आज अपना 68वां जन्मदिन बनाने जा रहे है।
फिल्म हेरी-फेरी के बाबू भइया हो या वेलकम मूवी के घंघरू सेठ नाम कोई भी हो किरदार कोई भी लेकिन हर किरदार में अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ने वाले परेश रावल अपना 68वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और एक्टिंग के लिए जाने जाने वाले परेश रावल को आप बड़ें पर्दे पर जितना मजेदार अभिनेता के रूप में देखते हैं, वे उतने ही अपनी पर्सनल लाइफ में भी मस्त-मौला इंसान हैं।
परेश रावल की रुचि बचपन से ही एक्टिंग की दुनिया में थी। केवल 9 साल की उम्र में ही वो फिल्म देखने के लिए एकबार बिना टिकट लिए थिएटर में घुस गए। उनका ये फिल्मों और एक्टिंग का जुनून अपने जीवन की लगभग 250 फिल्में करने के बाद भी जारी है। एक बार परेश रावल का दिल मिस इंडिया पर आ गया, उनकी जिंदगी का ये मजेदार किस्सा जिसे शायद कम ही लोग जानते हैं। और ये लड़की कोई और नहीं बल्कि परेश रावल की बॉस की बेटी ही निकली, लेकिन लेकिन उस लड़की के लिए परेश रावल पहले ही अपने दोस्तों से कह चुके थे कि यही तुम्हारी भाभी बनेंगी। उनकी कही बात सच ही निकली। तो चलिए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे ही मजेदार किस्से…
मात्र 9 साल की उम्र में चढ़ा एक्टिंग का बुखार
परेश रावल यानी हमारे बाबू भइया ने 30 मई 1955 को मुंबई में जन्म लिया था। उनकी शुरुआती पढ़ाई गुजराती मीडियम स्कूल से हुई। परेश रावल बचपन से ही बड़े शरारती किस्म के बच्चे थे, सहपाठियों के साथ अलग-अलग तरह की शरारतें करना और उन शरारतों की शिकायतें उनके घर तक पहुंचना ये उनके लिए आम बात थी। परेश रावल का घर उस समय मुंबई के पार्ला ईस्ट में था। उनके घर के नजदीक ही नवीन भाई ठक्कर ऑडिटोरियम था। इस ऑडिटोरियम में जब भी कोई प्ले होता तो उलस प्ले की आवाजें उनके घर तक सुनाई देती थी।
वहीं इसी कड़ी में एक्टिंग की दुनिया को नजदीक से देखने के लिए परेश रावल बिना टिकट प्ले देखने के लिए थियेटर में घुस गए। हालांकि वे पकड़े गए, लेकिन वह शरारती बच्चा कहां मानने वाला था। परेश रावल के दिमाग में प्ले देखने के लिए एक तिकड़म लगाई। साम, दाम, दंड़ और भेद हर चीज अपनाई यहां तक की दादगिरी भी अपनाई। जिसके चलते उन्हें उसी टाइम थियेटर के ओनर के पास ले जाना पड़ा। बस फिर क्या था, यही वो समय था जब वह 9 साल का बच्चा थियेटर की दुनिया का दीवाना बन गया। उन्हीं की इस चाह के चलते थियेटर के मालिक ने उन्हें बिना टिकट रोज प्ले देखने की इजाजत दे दी।
जब बॉस की बेटी पर ही आ गया दिल…
परेश रावल की लाइफ में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें एक दिन साल 1975 में एनएसडी की तरफ से आयोजित हुए एक फेस्टिवल में जाना पड़ा। जहां उनकी नजर एक लड़की पर टिक गई, जिसने उस समय एक साड़ी पहनी हुई थी। बता दें कि वह लड़की कोई और नहीं बल्कि मिस इंडिया का खिताब जितने वाली संपत स्वरूप थी। अब क्या था, परेश रावल का दिल तो संपत पर आ ही चुका था। उन्होंने पास खड़े दोस्त महेंद्र जोशी से संपत के बारे में कहा कि एक दिन यही लड़की मेरी पत्नी बनेगी।
परेश रावल नहीं जानते थे कि वह लड़की कौन है, लेकिन उनके दोस्त को पता था कि वह लड़की कौन है, तो परेश के दोस्त बोल पड़े अरे तू पागल है…जानता नहीं कि ये लड़की कौन है। तू जहां काम करता है, ना, ये उस जगह के बॉस की बेटी है। लेकिन परेश रावल कहां मानने वालों में से थे, परेश तो अपना दिल संपत पर लुटा बैठे थे। परेश ने अपने दोस्त से कहा कि बेटी हो या किसी बॉस की बहन, ये लड़की ही मेरी पत्नी बनेगी।
100से ज्यादा फिल्मों में बनें विलेन
बॉलीवुड एक्टर परेश रावल अपनी एक्टिंग के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपना लोहा मनवा चुके हैं। चाहे कॉमेडी हो या निगेटिव रोल दोनों किरदारों में परेश अपनी जान डाल देते हैं। परेश रावल अपनी स्क्रीन टाइमिंग में बता देते थे कि फिल्म में वो भी एक दमदार रोल अदा कर रहे हैं। परेश रावल ने अपनी लाइफ में लगभग 240 फिल्मों में एक्टिंग की है। जिसमें से उन्होंने कम से कम 100 फिल्मों में विलेन का रोल निभाया है।
