इंदौर: नगर निगम के अधीन चल रही एआईसीटीएसएल बस कंपनी अब यात्री परिवहन कंपनी के अधीन काम करेगी. कंपनी पूरे इंदौर संभाग के 16 जिलों में बस यात्री परिवहन का काम देखेगी. कंपनी में जिले से एक अपर कलेक्टर स्तर का अधिकारी क्षेत्रीय कंपनी में संचालक होगा.अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) की बोर्ड बैठक हुई. बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष एवं (एमपीवायपीआईएल) प्रबंध निदेशक मनीष सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे. बैठक में अब शहर की एआईसीटीएसएल कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रख्र लिमिटेड कंपनी के अधीन कार्य करेगी, जिसका नियंत्रण परिवहन विभाग करेगा. इंदौर संभाग क्षेत्रीय सहायक कंपनी के रूप में अब एआईसीटीएसएल का कार्य इंदौर संभाग के सभी जिलों में विस्तार होगा. इसका बोर्ड द्वारा समर्थन किया गया है. कंपनी का लक्ष्य संभाग में बस सेवाओं का व्यापक विस्तार करना है, इसलिए एआईसीटीएसएल का औपचारिक पुनर्गठन किया गया है. इंदौर संभाग क्षेत्रीय सहायक कंपनी के रूप में अब एआईसीटीएसएल में 16 जिलों में अपर कलेक्टर स्तर कर अधिकारी क्षेत्रीय कंपनी में संचालक होंगे. उक्त कंपनी परिवहन विभाग के साथ परमिट, फिटनेस,और अन्य यात्री व्यवस्थाओं को लेकर काम करेगी.
एआईसीटीएसएल के कार्यकारी संचालक अर्थ जैन ने बताया कि एआईसीटीएसएल अब मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रख्र लिमिटेड कंपनी के अधीन काम करेगा. कंपनी में हर जिले से एक अपर कलेक्टर स्तर का अधिकारी निदेशक होगा. अभी कुछ जिलों से नाम आ गए है उनको नियुक्ति दे दी है और कुछ जिलों से नाम आना बाकी है. उनके नाम मिलते ही उनको भी बोर्ड की सहमति से नियुक्त कर दिया जाएगा. बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, आईडीए सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े और संभाग में नियुक्त अधिकारी मौजूद थे.
इंदौर से आसपास के जिलों का सफर होगा आसान
इंदौर से आसपास के प्रमुख शहरों उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धार-मांडव एवं महेश्वर के लिए 26 सर्वसुविधायुक्त इलेक्टि्रक बसों का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा. बोर्ड ने उक्त जिलों को जोड़ने की सेवा जल्दी शुरू करने के निर्देश दिए. उक्त योजना कंपनी के लिए वित्तीय आय का स्रोत भी बनेगी.
शहर में 150 नई इलेक्टि्रक बसें
ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा के तहत इंदौर को प्रथम चरण में 150 इलेक्टि्रक बसें प्राप्त होने जा रही हैं. इन बसों के संचालन हेतु आईएसबीटी नायता मुंडला एवं देवास नाका पर दो इलेक्टि्रक बस डिपो के निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. इसके अतिरिक्त दूसरे चरण हेतु एक अतिरिक्त डिपो स्थल को भी चिन्हित किया गया है. इस परियोजना की संपूर्ण वित्तीय सहायता केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रदान की जाएगी.
यात्री सुविधा एवं स्मार्ट टॉयलेट
सरवटे बस स्टैंड, एआईसीटीएसएल परिसर एवं आईएसबीटी नायता मुंडला परिसर में यात्रियों की सुविधा हेतु स्मार्ट टॉयलेट जल्दी शुरू करने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई
