नयी दिल्ली (वार्ता) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल आयकर रिफंड के दावों को प्रोसेसिंग में त्रुटि पूर्ण तरीके से अमान्य किये गये मामलों में प्रोसेसिंग प्रक्रिया के लिए समय सीमा में छूट प्रदान की है।
यह निर्णय विगत में दाखिल कुछ मामलों में प्रोसेसिंग के दौरान तकनीकी दिक्कतों की शिकायत मिलने के बाद किया गया है। बोर्ड में इस संबंध में परिपत्र संख्या -10/2025 जारी किया है।
सीबीडीटी ने सोमवार को जारी परिपत्र में कहा है कि उसे आयकर के सीपीसी बेंगलुरु को विभिन्न तकनीकी कर्म से कुछ रिटर्न को त्रुटि पूर्ण तरीके से अमान्य किए जाने के संबंध में शिकायतें मिलने की सूचना मिली थी। परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे रिटर्न के संबंध में प्रोसेसिंग की समय सीमा नियमानुसार बढ़ा दी गयी है और संबंधित करदाताओं को अब उनके रिटर्न के बारे में सूचना 31 मार्च 2026 तक भेज दी जाएगी।
सीबीडीटी ने कहा है कि ऐसे मामलों में ब्याज सहित रिफंड की कार्यवाही की जाएगी लेकिन इसके लिए संबंधित मामलों में पेन और आधार का लिंक होना जरूरी है।
