खंडवा: जिले के जावर थाना क्षेत्र अंतर्गत हांडीकुंड में सुक्ता और आवना नदी के बीच स्थित टापू पर फंसे चार युवकों को लगभग साढ़े 10 घंटे तक चले अत्यंत चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद शुक्रवार तड़के सकुशल बाहर निकाल लिया गया। गुरुवार शाम करीब 6 बजे पुलिस कंट्रोल रूम और थाना जावर से सूचना प्राप्त हुई थी कि अचानक जलस्तर बढ़ जाने से चार युवक नदी के मध्य टापू पर फंस गए हैं। चारों ओर से तेज जलधारा होने के कारण उनका खुद बाहर निकलना असंभव हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ खंडवा की टीम और कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल तत्काल घटनास्थल पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। प्रारंभिक प्रयास में अत्यधिक जलप्रवाह और नदी के तीव्र बहाव के कारण मोटरबोट को आगे बढ़ाना जोखिमपूर्ण हो गया था।
हालात को देखते हुए प्रशासन और एसडीईआरएफ ने तकनीक का सहारा लिया और ड्रोन की मदद से चारों युवकों तक लाइफ जैकेट पहुंचाई, जिसे उन्होंने पहन लिया। इसके साथ ही भोजन और पेयजल के पैकेट भी ड्रोन के माध्यम से उपलब्ध कराए गए। पूरी रात युवकों से मोबाइल पर लगातार संपर्क बनाए रखते हुए उनका मनोबल बढ़ाया गया। इस दौरान प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन गौड़ा, पुलिस अधीक्षक अगम जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तरणेकर सहित एसडीईआरएफ इंदौर टीम के प्रभारी कंपनी कमांडर रोहन रायकवार, पुलिस, होमगार्ड और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पूरी रात मौके पर डटे रहे।
प्रशासन द्वारा सुकता बांध से अतिरिक्त पानी नहीं छोड़े जाने के संबंध में भी आवश्यक समन्वय किया गया और बैकअप के रूप में एनडीआरएफ उज्जैन की टीम को भी रवाना कर दिया गया था।शुक्रवार तड़के जलस्तर में आंशिक कमी आने पर एसडीईआरएफ खंडवा और एसडीईआरएफ इंदौर की संयुक्त टीम ने अंतिम और निर्णायक अभियान प्रारंभ किया। सुरक्षा रस्सियों से नियंत्रित मोटरबोट को प्रचंड जलधारा के बीच आगे बढ़ाते हुए रेस्क्यू दल टापू तक पहुंचा और अत्यंत साहस का परिचय देते हुए सुबह 4:45 बजे चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षित रेस्क्यू किए गए युवकों में हुजेफा हामिद (40 वर्ष), मयंक उर्फ गोपाल (16 वर्ष), अली अजगर और आयुष (18 वर्ष) शामिल हैं, जो सभी खंडवा जिले के निवासी हैं। इस लगभग असंभव प्रतीत होने वाले अभियान की सफलता पर उपस्थित ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने एसडीईआरएफ जवानों के साहस और सेवा-भाव की मुक्तकंठ से सराहना की।
