नागोया (जापान), एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारतीय दल के लिए एक के बाद एक कई शानदार और ऐतिहासिक खबरें सामने आ रही हैं। भारत की स्टार महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में चीन की मजबूत खिलाड़ी बाओ जियी को करारी शिकस्त देते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया है। महिला बॉक्सिंग के इतिहास में भारत का यह केवल दूसरा स्वर्ण पदक है। साल 2014 में महान मुक्केबाज एम.सी. मैरीकॉम के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद यह पहला मौका है जब किसी भारतीय महिला बॉक्सर ने एशियाई खेलों के शीर्ष podium पर कब्जा जमाया है। इस जीत के साथ ही लवलीना भारत की इकलौती ऐसी महिला बॉक्सर बन गई हैं जिन्होंने ओलंपिक के साथ-साथ एशियन गेम्स में भी गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने की अद्भुत उपलब्धि हासिल की है।
तीरंदाजी में भी भारत का जलवा, महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर जीता स्वर्ण पदक
मुक्केबाजी से ठीक पहले तीरंदाजी के मैदान पर भी भारतीय खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है। महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने खिताबी मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से रोमांचक मात देकर एशियन गेम्स में पहली बार इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अनुभवी तीरंदाज अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय युवा खिलाड़ी कुमकुम मोहोड़ की तिकड़ी ने दबदबा बनाते हुए यह ऐतिहासिक जीत हासिल की। हालांकि, मिक्स्ड रिकर्व टीम वर्ग में धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोड़ की जोड़ी को फाइनल मुकाबले में चीन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें रजत पदक (Silver Medal) से संतोष करना पड़ा।
पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत, कुल स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर हुई 12
इन शानदार पदकों के साथ ही एशियन गेम्स 2026 के पदक तालिका (Medal Tally) में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है और भारतीय दल अब शीर्ष देशों की सूची में छठे स्थान पर पहुंच गया है। तीरंदाजी स्पर्धा में भारत का यह छठा पदक है, जिसमें अब चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल हो चुका है। भारतीय एथलीटों के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से देश भर के खेल प्रेमियों में भारी उत्साह का माहौल है और आगामी मुकाबलों में अन्य खिलाड़ियों से भी ऐसे ही स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

