वाराणसी, 18 अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश में वाराणसी जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहिया गांव में मुख्य द्वार पर झंडा लगाने को लेकर विवाद शुक्रवार को हिंसा में बदल गया। दो संगठनों के बीच झड़प और पथराव के दौरान एसीपी, दरोगा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
गोसाईपुर चौकी प्रभारी विपिन पांडेय की तहरीर पर 11 नामजद और 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि बटुक भैरवनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पर रामनवमी के अवसर पर हिंदू संगठनों द्वारा केसरिया झंडा लगाया गया था। 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के दिन वहाँ अंबेडकर जी का झंडा भी लगा दिया गया। झंडा लगाने और क्षति पहुंचाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया।
गुरुवार को पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया था। लेकिन शुक्रवार को दलित समाज से जुड़े लोगों ने फिर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ उग्र हो गई और मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
इस दौरान सारनाथ के एसीपी विदुष सक्सेना समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मुकदमे में जिन नामजद आरोपियों के नाम शामिल हैं उनमें अजीत कुमार, प्रदीप कुमार, राजकुमार, निखिल, राजन और संजीत प्रमुख हैं। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, हिंसा करने समेत कुल 12 धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, गांव के मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीएसी के जवान भी तैनात किए गए हैं। मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा दिया गया है।
