मुंबई, 20 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड स्टार कार्तिक आर्यन का ‘चंदू चैम्पियन’ के लिए किया गया ट्रांसफॉर्मेशन उनकी करियर की सबसे प्रेरणादायक यात्राओं में से एक माना जाता है। कबीर खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म के लिए कार्तिक आर्यन ने भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर के किरदार को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने के लिए जबरदस्त मेहनत की थी। यह भूमिका उनके करियर में न सिर्फ एक मील का पत्थर साबित हुई, बल्कि इस फिल्म के लिए उन्हें अपना पहला फ़िल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड भी मिला। गौरतलब है कि करीब 14 महीनों की कड़ी मेहनत में कार्तिक ने लगभग 18 किलो वजन कम किया था। अपने बॉडी फैट को उन्होंने 39% से घटाकर 7% तक लाया था और वो भी पूरी तरह नैचुरल तरीके से। उनका मकसद सिर्फ स्क्रीन पर फिट दिखना नहीं था, बल्कि एक असली खिलाड़ी की ताकत, सहनशक्ति और अनुशासन को जीना था।
कार्तिक की इस ईमानदार कोशिश की तारीफ़ करते हुए एक इंटरव्यू में उनके ट्रेनर त्रिदेव पांडेय ने उनकी मेहनत के बारे में बताया था कि कार्तिक ने शूटिंग और ट्रेनिंग को साथ-साथ बैलेंस करते हुए जबरदस्त मेहनत की थी। हम चाहे पंचगनी, कश्मीर या महाबलेश्वर में हों, कार्तिक सुबह जल्दी उठकर रनिंग और बॉक्सिंग ड्रिल्स करते थे। इसके अलावा शाम को चाहे कितनी भी देर हो हो जाए, लेकिन वे कम से कम 45 मिनट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करते थे। हालांकि सीमित आराम के बावजूद, बर्नआउट से बचना भी जरूरी था त्रिदेव पांडेय ने यह भी बताया था कि कार्तिक के इस ट्रांसफॉर्मेशन का एक बड़ा हिस्सा उनकी सख्त डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव था। इसके लिए कार्तिक ने लगभग 1.5 से 2 साल तक पूरी तरह शुगर छोड़ दी थी, जो उनके लिए सबसे कठिन था। इसके अलावा उन्होंने कैलोरी-डेफिसिट और हाई-प्रोटीन डाइट अपनाई थी, सामान्य चावल की जगह कॉलीफ्लावर राइस लिया था, प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह दूरी बनाई थी और पूरी तरह पोर्शन-कंट्रोल्ड मील्स पर थे। हालांकि उनके इस बदलाव की मजबूत नींव रखने में फिक्स्ड स्लीप शेड्यूल और रिकवरी रूटीन ने भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा उनका फिटनेस रूटीन भी किसी प्रोफेशनल एथलीट से कम नहीं था। फिल्म में बॉक्सर, स्विमर, आर्मी ऑफिसर और एक एलीट स्पोर्ट्समैन के किरदार के लिए उन्होंने रोजाना घंटों तक बॉक्सिंग, स्विमिंग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, एंड्योरेंस कंडीशनिंग और फंक्शनल वर्कआउट्स किए। उन्होंने स्किपिंग की कई तकनीकों में महारत हासिल की और एक्सपर्ट सुपरविजन में स्पोर्ट्स-विशेष ट्रेनिंग लेकर अपने शरीर को पूरी तरह ढाला। यही वजह है कि जब ‘चंदू चैंपियन’ रिलीज़ हुई थी, तो कार्तिक की इस मेहनत को दर्शकों के साथ क्रिटिक्स ने भी खूब सराहा था। इसके साथ ही फिल्म की भावनात्मक कहानी और प्रेरणादायक नैरेटिव को भी काफी पसंद किया गया था और कार्तिक का समर्पण और ईमानदारी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी थी। यही वजह है कि कार्तिक आर्यन का यह ट्रांसफॉर्मेशन सिर्फ एक फिटनेस अचीवमेंट नहीं, बल्कि एक अभिनेता के रूप में उनके विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ।

