जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने पंचायत सचिव को हटाने के मामले को दोबारा एसडीओ अजयगढ़ को भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि एसडीओ सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर देते हुए पुनर्विचार कर अंतिम निर्णय पारित करें। अंतरिम राहत के तौर पर एसडीओ का निर्णय आने तक याचिकाकर्ता पद पर बना रहेगा।पन्ना निवासी संतोष कुमार शुक्ला की ओर से अधिवक्ता निशांत मिश्रा व मनीष रजक ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता ग्राम पंचायत मोहाना में पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ था।
सरपंच के आदेश पर ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर 2004 में उसे पद से हटा दिया गया। इसके बाद एसडीओं ने याचिकाकर्ता की अपील स्वीकार कर सरपंच द्वारा पारित सेवामुक्ति का आदेश निरस्त कर दिया था। सरपंच ने उस आदेश के खिलाफ कलेक्टर के समक्ष अपील की। कलेक्टर ने एसडीओं के आदेश को निरस्त कर दिया। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। दलील दी गई कि एसडीओं ने आदेश पारित करने के दौरान शिकायतकर्ता सरपंच को सुनवाई का अवसर नहीं दिया था। हाईकोर्ट ने सभी आदेादेश निरस्त कर मामले को पुन: एसडीओ को भेज दिया।
