जबलपुर: बलात्कार के आरोप में जेल में निरुद्ध युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव को न्यायालय से जमानत का लाभ मिल गया है। अपर सत्र न्यायाधीश महिला कुशवाह ने न्यायालय के अनुमति के बिना देश नही छोडने की शर्त पर जमानत का लाभ प्रदान किया है।गौरतलब है कि शादीशुदा महिला की शिकायत पर पुलिस ने बलात्कार का प्रकरण दर्ज करते हुए युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव ऋषभ मिश्रा की तरफ से दायर किये गये जमानत आवेदन में कहा गया था कि प्रकरण में उसे झूठा फंसाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने शादी के प्रलोभन देकर उसके साथ विगत तीन सालो से दैहिक शोषण कर रहा था।
वह शिकायतकर्ता व उसकी पुत्री को विगत 29 दिसम्बर को गोवा लेकर गया था और होटल में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि शिकायतकर्ता शादीशुदा महिला है और दोनों के बीच आपसी सहमति से शारीरिक संबंध स्थापित हुए थे। महिला का अपने पहले पति से तलाक नहीं हुआ था। ऐसी स्थिति में वह महिला से विवाह नहीं कर सकता था। उसके द्वारा शिकायतकर्ता को चार लाख रुपये दिये गये थे।
जिसके संबंध में बैंक स्टेटमेंट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवेदन में कहा गया था कि आवेदक युवक कांग्रेस का प्रदेश महासचिव है और उसके माता-पिता भी कांग्रेस के नेता है। शिकायतकर्ता राजीनामे के लिए उनके माता-पिता को धमका रही थी।न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि शिकायतकर्ता की तरफ से ऐसे कोई साक्ष्य नहीं पेश किये गये है कि वह परित्यक्ता है या उसके पति नहीं है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आवेदक को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया। आवेदक की तरफ से अधिवक्ता प्रियंक अग्रवाल ने पैरवी की।
