हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार हैं ये 3 योगासन, दिल भी रहेगा स्वस्थ

योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त करने में बेहद असरदार होता है। योग का नियमित अभ्यास करने से हाई ब्लड प्रेशर व ह्दय रोग जैसी कई बीमारियां कंट्रोल हो सकती हैं।

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी आजकल की भागती-दौड़ती लाइफस्टाइल का हिस्सा हो गई है। खराब लाइफस्टाइल और तनाव के कारण लोग हाई बीपी के मरीज बन रहे हैं।

न केवल लाइफस्टाइल की वजह से बल्कि उम्र, किडनी की बीमारियां, व्यायाम न करना, जेनेटिक वजह, मोटापा सहित कई अन्य परेशानियों की वजह से भी हाई बीपी होने की सम्भावना बढ़ जाती है। पहले तो केवल बड़े-बुजुर्गो को ही बीपी की समस्या होती थी, लेकिन आजकल बच्चों और युवाओं में भी ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं हो रही है।

योग से हाई बीपी की समस्या को कम किया जा सकता है। हाई बीपी को कम करने के लिए कई तरह के योगासन है, जो हाई बीपी में फायदेमंद होते हैं। इनके नियमित अभ्यास से बीपी की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है।

वीरासन


वीरासन सबसे ज़्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योकि कोई भी योग जिसमे सांस लेना शामिल है, वह हाई बीपी के लिए अच्छा माना जाता है। वीरासन करने से बीपी कंट्रोल में रहता है, नर्वस सिस्टम सही रहता है और तनाव काफी हद तक कम हो जाता है।

कैसे करें
इसे करने के लिए जमीन पर घुटनों के बल बैठें। इसके बाद दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और अपने हिप्स को एड़ियों के बीच में रखें और घुटनों के बीच दूरी को कम करें। नाभि को अंदर की ओर खींचते हुए कुछ समय ऐसे ही रहें 30 सेकंड बाद आराम करें।

शवासन


इस आसन को बॉडी को कूल डाउन करने के लिए किया जाता है। हाई बीपी को कम करने के लिए शवासन सबसे असरदार आसनों में से एक है। यह पूरा शरीर रिलैक्स करता है, थकान दूर करता है और तनाव, सिरदर्द और अनिद्रा को कम करता है। जब ये सभी फैक्टर कंट्रोल होते हैं, तो ब्लड प्रेशर खुद-ब-खुद नॉर्मल होने लगता है।

कैसे करें
इसे करने के लिए योगा मैट पर पीठ के बल लेटकर आंखें बंद कर लें। अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें और पैरों को आराम दें। दोनों हाथों को शरीर के दोनों साइड शरीर से थोड़ी दूरी पर रखें। हथेलियों को धीरे-धीरे फैलाएं और पूरे शरीर को रिलैक्स करें। गहरी और धीमी सांस लें और 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें और फिर आराम करें।

बालासन


बालासन हाई बीपी के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह आसन शरीर और दिमाग दोनों को शांत करता है। सांसों का उतार-चढ़ाव नियंत्रित होता है और गर्दन व कंधों का तनाव कम होता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और तनाव कम होने से बीपी स्वाभाविक रूप से कंट्रोल में आता है।

कैसे करें
इसके लिए योगा मैट पर वज्रासन में बैठें। धीरे-धीरे सांस लें और हाथों को सर के ऊपर ले जाएं और अब धीरे-धीरे सांस छोड़े और आगे की तरफ झुकें और माथे को ज़मीन पर टिका लें। ऐसा करते हुए अपनी सांसों का ध्यान रखें। 5 से लेकर 30 सेकेंड तक इस अभ्यास करें।

अगर आपको लंबे समय से हाई बीपी की समस्या है या आप दवाइयां ले रहे हैं, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। सही तरीके से और नियमित रूप से किए गए योगासन न सिर्फ बीपी कंट्रोल में रखते हैं, बल्कि दिल को भी मजबूत बनाते हैं और स्ट्रेस कम करते हैं।

 

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