इंदौर: प्रतिष्ठित होलकर विज्ञान महाविद्यालय में संचालित इंटर्नशिप प्रक्रिया को लेकर अवैध वसूली, अपारदर्शिता और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है. जयस छात्र संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए 48 घंटे में लिखित जवाब देने की मांग की है.छात्रों का आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी टेंडर विज्ञापन या पारदर्शी प्रक्रिया के एक निजी कंपनी से एमओयू किया, उसके बाद छात्रों से 500 से 1500 रुपए तक की राशि वसूल की गई.
कई छात्रों ने दावा किया कि उन्हें कहा गया कि रसीद नहीं लाओगे तो इंटर्नशिप के मार्क्स नहीं मिलेंगे, जिससे उन पर दबाव बनाया गया. आरोप यह भी है कि निजी कंपनी को महाविद्यालय का एपीजे अब्दुल कलाम भवन उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया, जबकि इससे कॉलेज को कोई आर्थिक लाभ नहीं हुआ. छात्रों का कहना है कि इससे अनियमितता की आशंका और गहराती है.
कई विद्यार्थियों ने शिकायत की कि इंटर्नशिप के चलते उनकी नियमित कक्षाएं भी बाधित हो रही हैं, जिसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है. प्राचार्य अनामिका जैन बैठक का हवाला देकर छात्रों से नहीं मिलीं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी नागेश डगांवकर और अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी ज्ञापन लेने से बचते रहे. अधिकारियों के इस रवैये से छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया है. संगठन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर आंदोलन को तेज किया जाएगा.
यह बोले स्टूडेंट..
इंटर्नशिप से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा उनके संगठन पदाधिकारियों को धमकाया गया है. इंटर्नशिप का कार्य मिलने वाली कंपनी के ओनर के विरुद्ध पूर्व में आपराधिक गतिविधियों के आरोप रहे हैं.
– सोहन मुवेल, छात्र
दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए, कॉलेज प्रशासन व संबंधित निजी कंपनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो और छात्रों से वसूली गई समस्त राशि की तत्काल वापसी कि जाए.
– रिया मुजाल्दे, छात्रा
पूरे मामले की उच्च-स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच हो, यदि चार दिन में जवाब नहीं मिला तो वे वैधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन शुरू करेंगे. कलेक्टर से लेकर सीएम तक पहुंचेंगे.
पवन अहिरवार, जिलाध्यक्ष, जयस छात्र संगठन
