चंडीगढ़, 23 जनवरी (वार्ता) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2025 अमृतसर मंदिर ग्रेनेड आतंकी हमले के मामले में चल रही जांच के तहत पंजाब के तीन सीमावर्ती जिलों में 10 जगहों पर छापे मारे है।
अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में मारे गए इन छापों में कई आपत्तिजनक चीजें जब्त की गईं, जिनमें मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और कई दस्तावेज़ शामिल हैं।
यह मामला पिछले साल 14 मार्च की रात को अमृतसर में शेर शाह रोड पर खंडवाला में ठाकुर द्वारा सनातन मंदिर के बाहर हुए धमाके से जुड़ा है।
एजेंसी की जांच में बाद में पता चला कि यह हमला कई विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर किया गया था, जिन्होंने इलाके में दहशत फैलाने के लिए विस्फोटक और हथियार मुहैया कराए थे।
एजेंसी के मामले की जांच से यह भी पता चला कि ये हैंडलर्स एक बड़ी आतंकी साजिश के तहत ऐसे ग्रेनेड हमले करने के लिए भारत में लोगों की भर्ती कर रहे थे और उन्हें धन दे रहे थे।
एनआईए ने राज्य पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद ग्रेनेड फेंकने वाले आरोपियों की पहचान विशाल और गुरसिदक के रूप में की। विशाल को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गुरसिदक की मौत हो चुकी है।
बताया जाता है कि दोनों को विस्फोटक कादियां, बटाला के शरणजीत कुमार से मिले थे, जो शुरू में झारखंड और बिहार भाग गया था, लेकिन सितंबर में एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
शरणजीत को विदेशी हैंडलर्स से खेप मिलती थी, ने तीन हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल भी छिपा रखी थी, जिसे बाद में एजेंसी ने गुरदासपुर जिले की एक जगह से बरामद किया।
