रीवा: सहकारी बैंक तथा उससे जुड़ी प्राथमिक साख सहकारी समितियों को शासन के निर्देशों के अनुरूप कम्प्यूटराइजेशन करके ई-पैक्स बनाया जा रहा है. सहकारी समितियों का पूरा कार्य कम्प्यूटराइज्ड होने के बाद राशि के लेन-देन और बैंकिंग कार्य में पारदर्शिता तथा सरलता होगी. रीवा जिले में अब तक 148 सहकारी समितियों में से 46 का कम्प्यूटराइजेशन करके उन्हें ई-पैक्स बना दिया गया है. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की प्रशासक तथा कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने ई-पैक्स व्यवस्था की समीक्षा की.
समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में आयोजित की गई. कलेक्टर ने कहा कि सभी सहकारी समिति प्रबंधक 23 जनवरी तक अपनी समिति का कम्प्यूटराइजेशन कराकर ई-पैक्स की व्यवस्था करें. इस संबंध में शासन के निर्देशों का कठोरता से पालन करें. कम्प्यूटराइजेशन हो जाने से समिति के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी. समिति से जुड़े किसानों तथा हितग्राहियों को लेन-देन में सुविधा होगी. वित्तीय लेन-देन की कठोरता से निगरानी भी हो सकेगी. समय सीमा में कम्प्यूटराइजेशन न करने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी. कलेक्टर ने बैठक से अनुपस्थित नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए.
कलेक्टर ने कहा कि जो समिति 23 जनवरी तक ई पैक्स व्यवस्था नहीं कर पाएगी उसके नोडल अधिकारी, प्रशासक, शाखा प्रबंधक, समिति प्रबंधक तथा समिति आपरेटर 24 जनवरी को कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे. निर्धारित तिथि तक ई पैक्स की व्यवस्था न करने पर नोडल अधिकारी संबंधित समिति प्रबंधक एवं आपरेटर के विरूद्ध पुलिस थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराएं. बैठक में महाप्रबंधक सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ने ई-पैक्स व्यवस्था की जानकारी दी. बैठक में उपायुक्त सहकारिता, नोडल अधिकारी उपस्थित रहे. सहकारी समिति के प्रशासक, समिति प्रबंधक तथा समिति आपरेटर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए.
