इंदौर: शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र की नर्मदा जलप्रदाय लाइन में जहरीला पानी मिलने का पता नगर निगम आज तक नहीं लगा पाया है. खास बात यह है कि पूरे क्षेत्र में नगर निगम, ड्रेनेज विभाग, स्वास्थ विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सब जहरीला पानी ढूंढने में लगे हुए हैं. उक्त क्षेत्र में अभी भी रोज मरीजों का पता चल रहा है और अस्पताल में भर्ती होने का सिलसिला जारी है. इससे समझा जा सकता है कि नगर निगम ने नर्मदा जलप्रदाय लाइन कितनी लापरवाही से डाली है!
ध्यान रहे कि नगर निगम के नर्मदा जल वितरण प्रणाली में लापरवाही के कारण भागीरथपुरा क्षेत्र के हजारों लोग बीमार हो गए. 20 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो गई. उक्त घटना की 12 दिन बीत चुके हैं और आज भी क्षेत्र में मरीजों के सामने आने का सिलसिला लगातार जारी है. इतना ही नहीं कल रात भी दो बच्चे चाचा नेहरू हॉस्पिटल में भर्ती हुए है. इसकी पुष्टि स्वास्थ विभाग ने की है.
आज 12 दिन बीतने के बाद भी नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी जहरीला पानी नर्मदा लाइन में कहा से मिल रहा है? उसका पता नहीं लगा पा रहे है. इसको इस तरह से देखे कि नर्मदा लाइन बिछाते समय निगम इंजीनियर, अधिकारी, पार्षद और ठेकेदार के काम के देखरेख ही नहीं की है. मनचाहे तरीके और बिना सोचे समझे पाइप डाल दिए और टंकी से जोड़ दिया. यह लापरवाही का सबूत है कि नर्मदा लाइन में संक्रमित, दूषित और जहरीला पदार्थ मिल रहा है और अधिकारी ढूंढ नहीं पा रहे हैं.
लाइन जोड़े बिना ही टेस्टिंग की ओर फिर पोल खुल गई
कल नगर निगम ने भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा टंकी से पानी सप्लाई किया था. हालांकि रहवासियों को पानी उपयोग करने की मनाही थी. टेस्टिंग के दौरान निगम अधिकारियों ने एक जगह लाइन ही नहीं जोड़ी और एक स्थान पर लाइन के वाल पर ही मिट्टी डाल कर दबा दिया और वॉल खुला था. जैसे ही पानी सप्लाई शुरू किया, वैसे ही क्षेत्र के कई इलाकों में सड़कों और गलियों में पानी बह निकला.
संभावित जगहों पर सर्च कर रहे हैंः आयुक्त
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि क्षेत्र में संभावित जगहों पर सर्च कर रहे है. जहां जहां लीकेज है, पानी, ड्रेनेज लाइन की भी जांच की जा रही है. क्षेत्र में स्वास्थ विभाग, नगर निगम और ड्रेनेज विभाग द्वारा सप्लाई लाइन चेक की जा रही है. मैन प्वाइंट पर अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं. नर्मदा लाइन को हर जगह देखकर कार्य किया जा रहा है
