बजट में मध्य प्रदेश ; आधारभूत विकास के प्रावधान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जमीन पर उतारने का एक ठोस प्रयास भी है. इस बजट में मध्य प्रदेश को विशेष महत्व मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह राज्य भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से देश के हृदय में स्थित है. ‘हृदय प्रदेश’ को मजबूत किए बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी ही रहती है.

इस बजट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा मध्य प्रदेश के सभी आदिवासी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल स्थापित करने का निर्णय है. विशेषकर आलीराजपुर, झाबुआ, धार, बैतूल जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में यह कदम सामाजिक बदलाव का वाहक बन सकता है. लंबे समय से यह देखा गया है कि सुरक्षित आवास और सुविधाओं के अभाव में बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं. अब इंजीनियरिंग, मेडिकल और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई करने की राह उनके लिए कहीं अधिक सुगम होगी. यह निर्णय महिला सशक्तिकरण को केवल नारे से आगे ले जाकर ठोस नीति में बदलता है.

बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन मध्य प्रदेश के शहरी भविष्य को नई दिशा देता है. भोपाल और इंदौर जैसे महानगरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, आवास और बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, वहीं ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर जैसे शहरों को उभरते आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इससे न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि महानगरों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा.

रेलवे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बजट का फोकस मध्य प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक नेटवर्क का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में है. वंदे भारत ट्रेनों और अमृत भारत स्टेशन परियोजना से राज्य के प्रमुख रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर औद्योगिक शहरों को आपस में जोडक़र माल ढुलाई की लागत घटाएंगे और निवेश के नए अवसर पैदा करेंगे. लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये की कुल केंद्रीय सहायता से राज्य के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

युवाओं के लिए बजट का संदेश स्पष्ट है. एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक यानी एबीजीसी सेक्टर पर जोर देते हुए 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स शुरू करने की घोषणा भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी है. इंदौर और भोपाल जैसे शहर पहले ही स्टार्टअप और टेक-हब के रूप में पहचान बना रहे हैं. यह पहल युवाओं को पारंपरिक नौकरियों के साथ-साथ नए जमाने के डिजिटल करियर विकल्प उपलब्ध कराएगी.

कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बजट संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है. ‘भारत विस्तार’ नामक एआई टूल से किसानों को मौसम, फसल और बाजार की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे जोखिम कम और आय में स्थिरता आएगी. वहीं आयुष और आयुर्वेदिक शोध केंद्रों की घोषणा मध्य प्रदेश को वेलनेस टूरिज्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिला सकती है. कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026-27 मध्य प्रदेश के लिए अवसरों का दस्तावेज है.दरअसल, प्रदेश के आधारभूत विकास पर खास तौर पर बजट में फोकस किया गया है.यह सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और तकनीकी नवाचार को एक साथ साधने का प्रयास करता है. यदि इन घोषणाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का सपना न केवल साकार होगा, बल्कि वह ‘विकसित भारत’ की यात्रा का मजबूत आधार भी बनेगा.

 

 

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