मास्को, 29 जुलाई (स्पुतनिक/वार्ता) अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान से जुड़े आतंकवादियों को निशाना बनाते हुए सटीक हमले किए हैं।
मंगलवार रात एक बयान में सेंटकॉम ने कहा, “अमेरिकी केंद्रीय कमान और सऊदी अरब की सेना ने 28 जुलाई को इराक में ईरान से जुड़े उन आतंकवादियों के खिलाफ सटीक हमले किए जिन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिकी सेना और सऊदी उर्जा अवसंरचना पर हमला करने का निर्देश दिया था।”
बयान में कहा गया है अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आपूर्ति एवं हथियारों के कई ठिकानों पर हमले किए। यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में आईआरजीसी के निर्देश पर किए गए 30 से ज़्यादा हवाई ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।
वहीं, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि सऊदी अरब तनाव नहीं बढ़ाना चाहता। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “सऊदी अरब का कहना है कि वह तनाव नहीं बढ़ाना चाहता लेकिन अपने खिलाफ होने वाली किसी भी आक्रामकता का जवाब देगा।”
सोमवार को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने ईरान-समर्थक शिया मिलिशिया पर पूर्वी इलाके और राजधानी के प्रांत में तेल सुविधाओं पर हमला करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। हालांकि, ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ के शिया गुटों ने सऊदी ठिकानों पर हुए हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। उनका कहना है कि सऊदी अरब यमन के ‘अंसार अल्लाह’ आंदोलन (जिसे हूती भी कहा जाता है) की ज़िम्मेदारी स्वीकार करने से डरता है क्योंकि ऐसा होने पर वह जवाबी कार्रवाई नहीं कर पाएगा। यमनी आंदोलन ने कहा कि उसने पूर्वी क्षेत्रों से लाल सागर के बंदरगाह यानबू तक सऊदी तेल ले जाने वाली सुविधाओं पर हमला किया है।
मंगलवार को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की वायु रक्षा ने इराक की ओर से देश के पूर्वी हिस्से में मौजूद तेल ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए नए ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया।
