बेहद गंदी परिस्थितियों में बनकर समोसे पहुंचते हैं रेलवे स्टेशन

सतना: सतना रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाले रेल यात्रियों को यदि यह मालुम हो जाए कि जिस समोसे को वे चटखारे लेकर खा रहे हैं वह कहां और किन परिस्थितियों में बनते हैं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. गंदे बदबूदार बर्तन, जला हुआ तेल, कमरे में पसरी चौतरफा गंदगी और पास में ही बहता हुआ नाला यह बताने के लिए काफी है कि रेल यात्रियों के लिए जिस स्थान पर समोसे तैयार किए जा रहे हैं दरअसल वह किसी नर्क से कम नहीं दिखता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने न सिर्फ उक्त प्रतिष्ठान को सील कर दिया बल्कि वहां पर मौजूद समोसे को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया.

शहर के पुराने नगर निगम कार्यालय मार्तण्ड काम्प्लेक्स में निचले तल पर समोसे बनाने का एक प्रतिष्ठान संचालित था. सुरश कुमार साहू द्वारा संचालित इस प्रतिष्ठान में हर रोज खासी मात्रा में समोसे तैयार किए जाते थे. यहां से तैयार समोसों को रेलवे स्टेशन भेजा जाता था. जहां पर उन्हें रेल यात्रियों को बेचा जाता था. उक्त समोसा बनाने वाले प्रतिष्ठान के संबंध में मिली शिकायत के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौर, शीतल सिंह, अशोक कुर्मी और श्रीमती सीमा पटेल की टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंच गई और जांच शुरु की. जिस स्थान पर समोसे बनाए जा रहे थे वहां की परिस्थतियों को देखकर खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी हैरान रह गए.

समोसे बनाए जाने वाले स्थान और आस पास बेहद गंदगी फैली हुई थी. आधे तले हुए समोसों को साफ बर्तन में रखने के बजाए गंदी प्लास्टिक बोरियों में रखा गया था. समोसे तलने के लिए उपयोग की जाने वाली कड़ाही औी भट्टी दोनों पर मोटी चिकनाई जमी हुई थी. जिसे देखकर साफ अंदाजा लगा रहा था कि कड़ाही और भट्टी दोनों की लंबे समय से सफाई तक नहीं की गई है. इतना ही नहीं बल्कि वहां पर मौजूद कर्मचारी भी न सिर्फ गंदे कपड़े पहने हुए मिला बल्कि उसके हाथ भी अस्वच्छ थे. साफ-सफाई का दूर दूर तक  नाम-ओ-निशान तक नजर नहीं आ रहा था. प्रतिष्ठान के अंदर जगह जगह पानी भरा हुआ था जो की संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा था. इसके अलावा जो सबसे अधिक चौंकाने वाला पहलू सामने आया वह यह रहा कि जिस स्थान पर समोसे बनाए जा रहे थे वहीं पास में खुला नाला/सीवर बह रहा था. लिहाजा वहां की परिस्थितियां स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक पाई गईं.
 मोबाइल बंद कर हुआ नदारद
बेहद गंदी परिस्थतियों में समोसा बनता देख खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा यह जानकारी ली गई कि यहां से बनने के बाद इन समोसों की सप्लाई कहां पर होती है. पूछे जाने पर संचालक सुरेश ने बताया यह समोसे रेलवे स्टेशन के अंदर सचिन गुप्ता को सप्लाई किए जाते हैं. यह जानकारी सामने आने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सचिन को मौके पर तलब किया. लेकिन सचिन वहां पर पहुंचने के बजाए नदारद हो गया. इतना ही नहीं बल्कि उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया. जिसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य तेल के नमूने लिए और वहां पर मौजूद 300 सामोसों को मौके पर ही नष्ट करा दिया. इसी कड़ी में उक्त प्रतिष्ठान को सील कर दिया.
 नष्ट कराई खराब चासनी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने सत्यम स्वीट्स एण्ड रेस्टारेंट में भी जांच शुरु की. जहां पर खराब चासनी पाए जाने पर उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया.  उक्त प्रतिष्ठान में भी साफ-सफाई की स्थिति बेहद असंतोषजनक पाई गई. जिसे देखते हुए समोसा, खोवे की मिठाईयों, बेसन और मोतीचूर के लड्डू के नमूने एकत्र किए गए. अनियमितता को देखते हुए दुकान संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया. मामले का काबिलेगौर पहलू यह भी रहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच होती देख काम्प्लेक्स में खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले कई अन्य संचालक अपनी-अपनी दुकानों का शटर गिराकर वहां से भाग निकले

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