नयी दिल्ली 27 जनवरी (वार्ता) आसमान छूती महंगाई से उपभोक्ताओं के खर्च करने की शक्ति प्रभावित होने के दबाव में बीते वर्ष दिसंबर में खुदरा क्षेत्र के कारोबार में पांच प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई।
खुदरा कारोबारियों के संगठन रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) की सोमवार को जारी 57वें खुदरा व्यापार सर्वेक्षण में कहा गया है कि दिसंबर 2024 (02 दिसंबर से 29 दिसंबर) के दौरान खुदरा क्षेत्र ने पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछली साल की त्योहारी अवधि (04 दिसंबर 2023 से 31 दिसंबर 2023) की तुलना में मामूली है। सर्वेक्षण ने खुदरा क्षेत्र के प्रमुख रुझानों को उजागर करते हुए क्षेत्रीय और श्रेणीगत प्रदर्शन की जानकारी दी।
आरएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुमार राजगोपालन ने कहा, “दिसंबर में पांच वृद्धि दर्ज हुई, लेकिन मुद्रास्फीति और ईएमआई जैसी वित्तीय बाधाओं ने विवेकाधीन खर्च को प्रभावित किया। शादी के मौसम ने परिधान और आभूषण जैसे क्षेत्रों में थोड़ी बढ़त दी लेकिन समग्र उपभोग सीमित रहा।”
श्री राजगोपालन ने बताया कि क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) क्षेत्र ने रिकवरी के संकेत दिए हैं, जिससे इस क्षेत्र में उम्मीद जगी है। केंद्रीय बजट के मद्देनजर खुदरा उद्योग ऐसे उपायों की उम्मीद कर रहा है, जो मुद्रास्फीति से निपटने और उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने में सहायक होंगे।
सर्वेक्षण के अनुसार, खुदरा क्षेत्र के कारोबाार में दक्षिण भारत ने छह प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की जबकि पश्चिम और उत्तर भारत में पांच प्रतिशत और पूर्वी भारत में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह श्रेणीगत प्रदर्शन के आधार पर क्यूएसआर ने 10 प्रतिशत की उच्चतम वृद्धि जबकि परिधान, खाद्य एवं किराना और खेल के सामान जैसे क्षेत्रों ने सात प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की।
आरएआई के अनुसार, उपभोक्ता खर्च को पुनर्जीवित करने के लिए संरचनात्मक सुधारों और नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है।
