बैंक अधिकारी और हाउसकीपर 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

इंदौर. भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्त मुहिम के बीच गुरुवार को इंदौर लोकायुक्त टीम ने झाबुआ जिले के खवासा में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसबीआई के असिस्टेंट मैनेजर और शाखा में तैनात हाउसकीपर को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा. आरोपी लोन स्वीकृति के नाम पर 40 हजार रुपए की मांग कर रहे थे. इसी क्रम में 10 हजार की पहली किस्त लेते ही ट्रैप दल ने उन्हें धर दबोचा.

ग्राम नरसिंगपाड़ा निवासी 29 वर्षीय पंकेश सिंगाड किराना दुकान चलाते हैं. उन्होंने 4 लाख रुपए का लोन लेने के लिए 26 जून को एमपीऑनलाइन से आवेदन किया था. दस्तावेज जमा करने के बाद वे एसबीआई शाखा खवासा पहुंचे, जहां हाउसकीपर हीरालाल लोहार ने कहा कि वह बैंक अधिकारी से बात कर लोन स्वीकृत करवा देगा. जब उसे असिस्टेंट मैनेजर/फील्ड ऑफिसर ऋषभ शुक्ला से मिलवाया तो दोनों ने मिलकर लोन मंजूरी के एवज में 40 हजार रुपए की मांग कर डाली. पीड़ित ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की. सत्यापन के बाद 4 सितंबर को ट्रैप दल गठित किया. योजना के तहत फरियादी को पैसे सौंपने भेजा और जैसे ही हीरालाल लोहार ने 10 हजार रुपए रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया. कार्रवाई में यह भी स्पष्ट हुआ कि रकम ऋषभ शुक्ला के कहने पर ली जा रही थी. लोकायुक्त ने आरोपी असिस्टेंट मैनेजर ऋषभ शुक्ला निवासी थांदला, मूल निवासी कानपुर और हाउसकीपर हीरालाल लोहार निवासी ग्राम भामल, थांदला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस 61 (2) के तहत मामला दर्ज किया है.

कार्रवाई में जुटा दल

ट्रैप की कार्रवाई कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास के नेतृत्व में की गई. दल में प्रआर विवेक मिश्रा, प्रआर आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, अनिल परमार और शैलेन्द्र सिंह बघेल शामिल थे.

Next Post

ऑपरेशन विश्वास: 21 लाख के 101 मोबाइल बरामद, 4 आरोपी गिरफ्तार

Thu Sep 4 , 2025
छतरपुर। जिले में लगातार बढ़ रही मोबाइल चोरी और गुमशुदगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए छतरपुर पुलिस ने विशेष अभियान “ऑपरेशन विश्वास” चलाया। इस अभियान के तहत पुलिस ने गुरुवार दोपहर लगभग 1:30 बजे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 21 लाख रुपये मूल्य के 101 गुम हुए मोबाइल […]

You May Like