
देवास। जिले की ग्राम पंचायत रामगढ़ के अंतर्गत आने वाला गांव बालाखेड़ी इन दिनों गंभीर समस्या से जूझ रहा है। छोटी कालीसिंध नदी पर डेम बन जाने से गांव का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। हालात ऐसे हैं कि अब बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है और बीमारों का अस्पताल तक पहुंचना भी बेहद मुश्किल हो गया है।
गांव के लोगों का कहना है कि पहले नदी पार करने के लिए जुगाड़ से नाव बनाई जाती थी, जो पुराने ड्रमों के सहारे चलती थी, लेकिन वह भी अब फूट गए हैं। जब ग्रामीणों ने पंचायत से मदद मांगी और नए ड्रम मंगवाकर नाव की व्यवस्था करने की गुहार लगाई, तो सरपंच ने साफ कह दिया कि इसके लिए बजट नहीं है। ऐसे में गांव के लोग पूरी तरह से फंसे हुए हैं।
बालाखेड़ी में केवल प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5 तक) ही है। बड़ी कक्षाओं के बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए नदी पार करना पड़ता है, लेकिन डेम बनने से यह संभव नहीं हो पा रहा। नतीजा यह है कि बच्चों की शिक्षा पर सीधा संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं, अगर किसी ग्रामीण को अचानक बीमार पड़ने पर अस्पताल ले जाना पड़े, तो रास्ता न होने के कारण उसकी जान तक जोखिम में पड़ जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेताओं ने पुलिया निर्माण का आश्वासन दिया था। यहां तक कि पुलिया के लिए निरीक्षण भी किया गया था, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। अब स्थिति यह है कि करीब 10 गांवों की आबादी इस समस्या से जूझ रही है।
स्थानीय लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगा रहे हैं कि पुलिया का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि सालभर बनी रहने वाली इस समस्या से उन्हें छुटकारा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह समस्या आने वाले दिनों में और भयावह रूप ले सकती है।
