नयी दिल्ली, 11 अगस्त (वार्ता) चुनाव आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ बनाने के लिए उठाये जा रहे कदमों के तहत दूसरे चरण में ऐसे और 476 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीति दलों (आरयूपीपी) का पंजीकरण समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
आयोग ने पहले चरण में ऐसे 334 दलों का पंजीकरण निरस्त किया है। इस कदम के बाद आरयूपीपी की सूची में पार्टियों की संख्या 2854 से घट कर 2520 रह गयी है।
आयोग ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा, “दूसरे चरण में विभिन्न राज्यों के 476 आरयूपीपी की पहचान की गयी है।” ऐसे किसी दल के साथ कोई अनुचित निर्णय न हो, इसके लिए आयोग ने संंबंधित राज्यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों के मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) को इन दलों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिये हैं। इन दलों को सीईओ को सुनवायी में अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।
सीईओ की सिफारिश पर दलों के पंजीकरण समाप्त करने का फैसला आयोग लेगा।
देश में राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और गैर-मान्यता प्राप्त (आरयूपीपी) श्रेणी में राजनीतिक दलों का पंजीकरण जन प्रनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29क के तहत किया जाता है। उन्होंने चुनाव चिह्न और कर में छुट जैसे विशेष लाभ मिलते हैं। नियमानुसार यदि कोई दल छह साल तक चुनाव न लड़े तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटाया जा सकता है। पार्टियों को चुनाव आयोग के समक्ष नियमित विवरण भी प्रस्तुत करने होते है।
आयोग की ओर से दूसरे चरण में छंटनी के लिए जिन 476 दलों की पहचान की गयी है उनमें सबसे अधिक 121 दल उत्तर प्रदेश, 44 महाराष्ट्र, 42 तमिलनाडु और 41 दिल्ली के हैं।
