युवाओं की प्रतिभा को निखार कर उन्हें सपनों को पूरा करने में सक्षम बनायें विश्वविद्यालय : मुर्मु

नयी दिल्ली 03 अगस्त (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि विश्वविद्यालयों को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और अपने सपनों तथा आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।

श्रीमती मुर्मु ने सोमवार को ओडिशा के कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ओडिशा ज्ञान, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सेवा की समृद्ध परंपरा वाली भूमि रही है। सदियों से, महाप्रभु जगन्नाथ की इस पवित्र भूमि ने समावेशिता, करुणा और मानव कल्याण का संदेश फैलाया है। कटक का क्षेत्र ‘उत्कल गौरव’ मधुसूदन दास, ‘कर्मवीर’ गौरी शंकर राय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और बीजू पटनायक जैसी महान हस्तियों की जन्मभूमि है। यह ‘उत्कलमणि’ पंडित गोपबंधु दास और ‘उत्कल केसरी’ डॉ. हरेकृष्ण महताब की कर्मभूमि भी रही है। जनसेवा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्रों में कटक का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय, भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर समाज और राष्ट्र की सेवा का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

राष्ट्रपति ने कहा ,” भारत दुनिया में सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है। यह हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है। इस संपत्ति का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए, हमारे विश्वविद्यालयों को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और अपने सपनों व आकांक्षाओं को पूरा कर सकें। उन्हें मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए। विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय हित के प्रति प्रतिबद्धता से प्रेरित नागरिकों को तैयार करें। युवाओं द्वारा अर्जित ज्ञान तभी वास्तव में सार्थक होता है जब उसका उपयोग मानवता की सेवा, समाज के कल्याण और राष्ट्र की प्रगति के लिए किया जाता है।”

श्रीमती मुर्मु ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। उच्च शिक्षण संस्थान इस उद्देश्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे ज्ञान के ऐसे केंद्र के रूप में काम करें जहाँ विकसित किए गए विचार और तकनीकें समाज की ज़रूरतों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान को अपनाते हुए भी छात्रों को नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय छात्रों के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास पर ज़ोर देते हुए अनुसंधान,नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह विश्वविद्यालय कुशल जनशक्ति, अनसंधानकर्ता और उद्मी तैयार करेगा जो ‘विकसित ओडिशा’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान देंगे।

 

Next Post

समय सीमा में पूरे किए जाएं कार्य, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: निगमायुक्त 

Mon Aug 3 , 2026
जबलपुर। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार द्वारा सोमवार को आयुक्त कार्यालय में शहर के विकास कार्यों, अधोसंरचना निर्माण एवं जन-कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय प्रमुखों एवं संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में नागरिकों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु […]

You May Like