इंदौर: शहर का सबसे बड़ा और पॉश थाना क्षेत्र माने जाने वाला लसूड़िया इन दिनों अपराधों का हॉट स्पॉट बन गया है. इस वर्ष के पहले छह माह में यहां 1052 एफआईआर दर्ज हुई हैं. यानी हर महीने औसतन 175 प्रकरण दर्ज हो रहे हैं. यह आंकड़ा शहर के कई अन्य थानों की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है. हत्या, लूट, चोरी से लेकर वाहन चोरी तक के मामलों में यह थाना सबसे आगे बना हुआ है.
लसूड़िया थाना क्षेत्र में बड़े मॉल, होटल, बार और तेजी से विकसित हो रही टाउनशिप हैं. लगातार बढ़ती आबादी के साथ अपराधों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है. सबसे अधिक चिंता वाहन चोरी को लेकर है. सोमवार को भी एक ही दिन में संस्कार सेन, भरत सूर्यवंशी, सुभाष मेवाती और अभिषेक बसेरे के वाहन चोरी हो गए. पिछले कई दिनों से यहां रोजाना तीन या उससे अधिक वाहन चोरी के मामले दर्ज हो रहे हैं.
सूत्रों का मानना है कि वाहन चोरी की अधिकांश वारदातों के पीछे देवास का कंजर गिरोह सक्रिय है. इसके बावजूद लगातार हो रही चोरियों से लोगों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. पुलिस गिरोह पर कार्रवाई का दावा कर रही है, लेकिन चोरी की घटनाओं पर अभी तक प्रभावी अंकुश नहीं लग सका है. बढ़ते अपराधों को देखते हुए पुलिस ने वर्षों पहले लसूड़िया थाना क्षेत्र का दायरा कम कर महालक्ष्मीनगर थाना बनाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा था. लंबे समय तक फाइलों में अटका यह प्रस्ताव अब आगे बढ़ा है. हाल ही में मुख्य सचिव ने शहर में तीन नए थाने खोलने को मंजूरी दी है. इनमें महालक्ष्मीनगर थाना भी शामिल है. नए थाना शुरू होने के बाद लसूड़िया का भार कम होने और अपराध नियंत्रण व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
एक नजर में लसूड़िया थाना क्षेत्र…
पिछले छह माह में1052 एफआईआर दर्ज हुई है. हर माह औसतन केस 175 शहर में वाहन चोरी का सबसे संवेदनशील थाना क्षेत्र, सोमवार को एक ही दिन में 4 वाहन चोरी, नए महालक्ष्मीनगर थाना को मंजूरी, जल्द शुरू होने की उम्मीद
