
सीधी । सीएम के आदेश और डीएम के निर्देश पर मुर्गा व्यापारी भारी पड़ रहे हैं। खुले में मांस बिक्री को लेकर मुख्यमंत्री के प्रतिबंधात्मक आदेश और कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद भी सब्जी की तरह ठेलों में मुर्गे बिक रहे ।
यहां बताते चलें कि कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद बाजार क्षेत्र में खुले में होने वाली मीट की बिक्री पर 1 जून 2026 से पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी कारोबारियों को प्रधान डाक घर के पीछे स्थित मीट मार्केट में अपना व्यवसाय करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित कारोबारी मीट मार्केट में न जाने के लिए सालों से बहानेबाजी कर रहे हैं। उनके द्वारा जब भी प्रशासनिक सख्ती शुरू होती है कुछ दिन के लिए अपनी दुकान का शटर गिरा लिया जाता है। प्रशासनिक शिथिलता शुरू होने के बाद फिर से उनके द्वारा बाजार क्षेत्र में खुले में मीट का कारोबार शुरू कर दिया जाता है। यहां तक शहर के मुख्य मार्ग सम्राट चौक के समीप डीजे प्लाजा की बाउंड्री के आस- पास सब्जी की तरह सड़क के किनारे खुले में खुलेआम ठेलों में मुर्गे की बिक्री करने के साथ वहीं काटा भी जाता है।
लालता चौक में चोरी छिपे कट और बिक रहा है मांस
खुले में मांस बिक्री के प्रशासन द्वारा जारी किए गए प्रतिबंधात्मक निर्देश के बाद इस बार भी हमेशा की तरह हथकंडे अपनाने शुरू किए गए हैं। लालता चौक में मीट का कारोबार करने वाले अधिकांश कारोबारियों की निजी दुकानें हैं। कुछ कारोबारियों का आवास भी दुकान से लगा हुआ है। इसी वजह से उनके द्वारा अब नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। जानकारों के अनुसार संबंधित कारोबारी अब अपनी दुकानों का शटर उठाकर बाहर से किराना सामान बेंचने का स्वांग कर रहे हैं। जबकि अंदर से उनके द्वारा मीट का कारोबार भी किया जा रहा है। कुछ कारोबारी तो किराना दुकान के साथ ही कैरेट में अंडे भी सजाकर रखे हुए हैं। उनके किराने की दुकान में किराना सामग्री खरीदने के लिए भले ही कोई ग्राहक न आए लेकिन पुराने मीट ग्राहक अवश्य पहुंचते रहते हैं। जिस तरह से मीट कारोबारियों द्वारा किराना का कारोबार बाहर से संचालित करने का स्वांग किया जा रहा है ।
प्रशासनिक कार्यवाही पर उठ रहे सवाल
प्रशासन के निर्देश के बाद भी खुले में मुर्गा और मांस बिक्री को लेकर शहरवासियों का कहना है कि प्रशासनिक निगरानी में शिथिलता होने के कारण यह सबकुछ शुरू है। यदि बाजार क्षेत्र में मीट बिक्री पर पूरी तरह से रोंक लगा दी गई है तो इसकी निगरानी भी होनी चाहिए।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही की है दरकार
मांस विक्रेताओं के खिलाफ अक्सर अप्रिय स्थिति का सामना करने वाले नगर पालिका के अमले का कहना रहता है कि इस व्यवसाय से कुछ महिलाओं के जुड़े होने और किराना दुकान के अंदर से मीट के होने वाले कारोबार रोकने के दौरान पूर्व में अप्रिय स्थिति निर्मित हो चुकी है। इसलिए खुले में मांस बिक्री रोकथाम के लिए नपा , प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त कार्यवाही की आवश्यकता है।
इनका कहना है
शहर के बाजार क्षेत्र एवं सड़कों के किनारे खुले में मांस बिक्री 1 जून 2026 से पूरी तरह से प्रतिबंधित हो चुकी है। सम्राट चौक, लालता चौक एवं चिकान मोहल्ला में अवैध रूप से खुले में मांस बिक्री की शिकायतों पर अब संयुक्त टीम के माध्यम से कार्रवाई होगी। मीट मार्केट में क्षमता के अनुसार पूर्व से पंजीकृत व्यवसायियों को जगह मिलेगी। आगे संख्या बढ़ने पर नई भूमि की व्यवस्था कर गोल मीट मार्केट पर काम होगा। बाजार एवं सड़क के किनारे खुले में मांस बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
प्रिया पाठक, एसडीएम गोपद बनास सीधी
