बेरुत, 19 जून (वार्ता) अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए समझौते के ठीक एक दिन बाद लेबनान के नबातियेह जिले में गुरुवार रात हुए इजरायली हमले में 18 लोगों की मौत हो गयी और 33 अन्य घायल हो गये। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
दूसरी ओर इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि हिजबुल्ला के साथ मुठभेड़ में उसके चार सैनिक मारे गए हैं। इजरायल का दावा है कि उसने ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हिजबुल्ला से जुड़े 80 ठिकानों पर हमला किया और उसके 10 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया। वहीं हिजबुल्ला ने कहा है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना को जाल में फंसाकर मिसाइलों से उनके तीन टैंक नष्ट कर दिये।
यह भीषण गोलाबारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद हुई है। इस समझौते में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर दुश्मनी को स्थायी रूप से समाप्त करने और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही गयी है।
समझौते के बावजूद, इजरायल ने साफ कर दिया है कि उसका लेबनान से अपनी सेना हटाने का कोई इरादा नहीं है। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्ला के साथ उसका संघर्ष ईरान के साथ चल रहे युद्ध से अलग है। इस बीच, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटामार बेन-ज्विर ने सैनिकों की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘पूरा लेबनान जलना चाहिए’ और देश की सुरक्षा पर कोई सौदा नहीं होगा।
इस बढ़ते तनाव ने अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेदों को बढ़ा दिया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायली कैबिनेट के कुछ मंत्रियों की आलोचना करते हुए कहा कि वे वास्तविकता को समझें, क्योंकि 90 लाख की आबादी वाला देश केवल हत्याओं के दम पर अपनी सुरक्षा समस्याओं को हल नहीं कर सकता।
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस हालिया संघर्ष की शुरुआत से अब तक महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 3,912 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 11,699 अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा, करीब दस लाख लोग विस्थापित हैं और दक्षिणी लेबनान के कई इलाके पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। फ्रांस ने इजरायल से इस शांति समझौते का सम्मान करने का आग्रह किया है।

