नयी दिल्ली, 18 जून (वार्ता) केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने अर्थव्यवस्था में निर्माण क्षेत्र के बड़े योगदान को रेखांकित करते हुए आज कहा कि आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
श्री मनोहर लाल ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण की आवश्यकताओं को देखते हुए निर्माण कार्यों की गति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक शहरी आवासों के निर्माण की आवश्यकता । वह यहां यशोभूमि में आयोजित चार दिवसीय भारत बिल्डकॉन 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बुनियादी ढांचा निर्माण में गुणवत्ता, टिकाऊपन, स्थिरता और किफायतीपन जरूरी है। समारोह को वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और नारेडको के अध्यक्ष परवीन जैन ने भी संबोधित किया।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान में निर्माण क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 8 प्रतिशत योगदान देता है और आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है। यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करता है तथा एमएसएमई, स्टार्टअप, वास्तुकारों, इंजीनियरों, डिजाइनरों और निर्माण सामग्री निर्माताओं के व्यापक नेटवर्क को समर्थन प्रदान करता है।
उन्होंने उद्योग जगत से जिम्मेदार व्यावसायिक व्यवहार अपनाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और दीर्घकालिक स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। आवास एवं शहरी विकास मंत्री ने कहा कि यह आयोजन भारत और विदेशों से आए प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, निर्माण पेशेवरों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लेकर आया है, जहां निर्माण क्षेत्र के भविष्य और तकनीकी प्रगति पर व्यापक चर्चा की जा रही है।
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत बिल्डकॉन एक ऐसा अनूठा मंच बनकर उभरा है, जहां ठेकेदार, बिल्डर, तकनीकी प्रदाता, निर्माण सामग्री निर्माता, शोधकर्ता और नीति निर्माता भविष्य की निर्माण आवश्यकताओं और तकनीकी नवाचारों पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “पिछले 12 वर्षों में भारत का निर्माण क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। हालांकि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए निर्माण की गति को और बढ़ाना होगा।” मंत्री ने बताया कि आने वाले दशकों में भारत की शहरी आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे आवास, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं की मांग भी तेजी से बढ़ेगी।
उन्होंने भवनों के निर्माण में स्वस्थ विकास के मानकों को अपनाने ,प्रत्येक भवन के लिए उसकी अनुमानित आयु दर्शाने वाली प्रमाणन व्यवस्था शुरू करने का सुझाव दिया। उनके अनुसार, ऐसी व्यवस्था उपभोक्ताओं को भवनों की सुरक्षा और गुणवत्ता के प्रति विश्वास प्रदान करेगी तथा उद्योग में उच्च निर्माण मानकों को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिकांश आधुनिक भवनों की आयु 60 से 70 वर्ष के बीच निर्धारित की जाती है, लेकिन भारत को ऐसी तकनीकों पर भी ध्यान देना चाहिए जो इससे कहीं अधिक समय तक टिकने वाले ढांचे तैयार कर सकें।
मंत्री ने कहा कि आवासीय समाधान समाज के हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने चाहिए, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, मध्यम आय वर्ग और प्रीमियम आवास श्रेणी शामिल हैं। उन्होंने निर्माण क्षेत्र में प्रीफैब्रिकेटेड निर्माण प्रणाली, 3डी प्रिंटिंग, इंजीनियर्ड बांस और अन्य उन्नत तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया, जो निर्माण की गति, गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्थिरता को बेहतर बना सकती हैं।
उन्होंने देश विदेश के निवेशकों के लिए भारत में कारोबार के विशाल अवसरों की ओर संकेत करते हुए कहा कि देश का बुनियादी ढांचा विकास बजट 12.2 लाख करोड़ रुपये का है। देश के 29 शहरों में 1,155 किलोमीटर से अधिक मेट्रो रेल नेटवर्क संचालित हो रहा है, जबकि लगभग 950 किलोमीटर अतिरिक्त मेट्रो लाइनें निर्माणाधीन हैं। एनसीआर योजना बोर्ड की हालिया बैठकों के हाल के निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली पर दबाव कम करने के लिए अगले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ही नए शहरी केंद्र विकसित करने और सड़क, रेलवे, मेट्रो तथा क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत बिल्डकॉन 2026 भारत के एक सम्मानित वैश्विक आर्थिक और विनिर्माण शक्ति के रूप में उभरने का प्रतीक है। पिछले एक दशक में भारत एक “नए भारत” के रूप में उभरा है, जो वैश्विक साझेदारियों और निवेश को आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने भारत बिल्डकॉन में प्रदर्शित तकनीकी समाधानों की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म निर्माण क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल और अधिक कुशल बना रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजक नारेडको के अध्यक्ष श्री जैन ने भी इस बात को दोहराया कि निर्माण कार्यों में गति लाने के साथ-साथ गुणवत्ता, टिकाऊपन, स्थिरता और किफायतीपन पर जोर देना भारत की विकास यात्रा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री जैन ने भवनों के लिए टिकाऊपन प्रमाणन ढांचे के प्रस्ताव को एक प्रगतिशील पहल बताते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा, जवाबदेही सुनिश्चित होगी और निर्माण उद्योग में गुणवत्ता मानकों को नई ऊंचाई मिलेगी।
