नक्सली जीवन छोड़ एक्टिंग की दुनिया में आए मिथुन चक्रवर्ती, तीन नेशनल अवॉर्ड के साथ बने दिग्गज अभिनेता

मिथुन चक्रवर्ती के बर्थडे पर कुछ ऐसे पहलुओं का खुलासा हुआ है, जो भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में शामिल हैं, जिनकी जिंदगी संघर्ष, साहस की मिसाल है।

बॉलीवुड में डिस्को डांसर के नाम से फेमस मिथुन चक्रवर्ती की लाइफ किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं रही है। आज मिथुन सक्सेस के जिस शिखर पर हैं, वहां तक पहुंचने का रास्ता कांटों से भरा हुआ था। कोलकाता की गलियों से निकलकर मायानगरी मुंबई में अपनी अलग पहचान बनाना उनके लिए एक बेहद मुश्किल चुनौती थी।

इस सफर में उन्होंने न केवल गंभीर पैसों की कमी का सामना किया, बल्कि पेट भरने के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाने तक की नौबत आ गई थी। उनके जन्मदिन के स्पेशल मौके पर उनकी लाइफ की कुछ ऐसी परतें खुली हैं, जो यह साबित करती हैं कि सक्सेस कभी भी थाली में परोसी हुई नहीं मिलती।

आर्थिकतंगी से भरा था जीवन
मिथुन चक्रवर्ती का शुरुआती जीवन बेहद आर्थिक तंगहाली में गुजरा था। जब उन्हें पहली बार अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, तब उनके पास एक बहुत बड़ी चुनौति खड़ी हो गई थी।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को लेने के लिए उन्हें दिल्ली जाना था, लेकिन उनके पास सफर का किराया तक नहीं था। यह उस दौर की बात है जब वह बॉलीवुड की दुनिया में पैर जमाने के लिए हर छोटे-बड़े काम को करने के लिए तैयार रहते थे। पैसे की इतनी बड़ी कमी ने उन्हें जमीनी स्तर पर बहुत कुछ सिखाया।

जब रेखा के स्पॉटबॉय बनने को मजबूर हुए डिस्को किंग
पैसों की कमी के उसी दौर में मिथुन चक्रवर्ती को काम की सख्त जरूरत थी। अपनी जरूरतों को पूरा करने और बॉलीवुड में टिके रहने के लिए उन्होंने फेमस एक्ट्रेस रेखा के स्पॉटबॉय के रूप में भी काम किया।

एक समय ऐसा भी आया जब उनके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं बचे थे। वह अक्सर पत्रकारों से सीधे तौर पर कह दिया करते थे कि वे पहले उन्हें खाना खिलाए, उसके बाद ही वह इंटरव्यू देंगे। यह उनके स्वाभिमान और जीवन की कड़वी सच्चाई का एक ऐसा मेल था, जिसे देखकर हर कोई चौंक जाता था।

नक्सलवाद का रास्ता छोड़ थामा एक्टिंग का दामन
16 जून 1950 को कोलकाता में जन्मे एक्टर मिथुन चक्रवर्ती का सफर सिर्फ एक्टिंग तक सीमित नहीं रहा है। बॉलीवुड में कदम रखने से पहले वह नक्सली आंदोलन से जुड़ गए थे। हालांकि, कुछ परिवार की कुछ परिस्थितियों और घटनाओं के बाद उन्होंने नक्सलवाद रास्ते को हमेशा के लिए छोड़ दिया।

इसके बाद मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में दाखिला लिया और एक्टिंग की बारिकियों को सीखा। उनके इसी फैसले ने भारतीय सिनेमा को एक ऐसा डिस्को किंग दिया जिसने आगे चलकर इतिहास रच दिया।

7 भाषाओं की 350 फिल्मों में बिखेरा जलवा
अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने अपने लंबे और शानदार फिल्मी करियर में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने बंगाली और हिंदी सिनेमा के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, ओडिया और भोजपुरी जैसी विभिन्न प्रांतीय भाषाओं में भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है।

अब तक वह कुल मिलाकर 350 से ज्यादा फिल्मों में अहम और सहायक भूमिकाएं निभा चुके हैं। उनका यह विशाल कार्यक्षेत्र उनकी बहुमुखी प्रतिभा और काम के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है। आज वह करोड़ों फैंस के लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत बन चुके हैं।

अभी हाल ही में मिथुन चक्रवर्ती के परिवार से एक बहुत ही खूबसूरत और बड़ी खुशखबरी भी सामने आई। मिथुन चक्रवर्ती की इकलौती बेटी दिशानी चक्रवर्ती ने अपने जीवन के नए सफर की शुरुआत कर दी है। उन्होंने अपने विदेशी पार्टनर माइल्स मंट्जारिस के साथ सगाई कर ली है और इस बात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर शेयर की है। जो समंदर के किनारे हुए इस बेहद रोमांटिक प्रपोजल की तस्वीरों के रूप में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं

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