कोड बंद होने से कई कियोस्क संचालक बेरोजगार

सीधी। कोड बंद होने से कई कियोस्क संचालक बेरोजगार हो गये हैं। कियोस्क संचालकों ने आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुये निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के रीवा रीजनल ऑफिस से जुड़े कियोस्क (बीसी) संचालकों ने बैंक प्रबंधन पर आर्थिक शोषण और मनमानी कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। प्रभावित संचालकों का कहना है कि बैंक द्वारा अधिकृत कम्पनियों के माध्यम से उन्हें कियोस्क आवंटित किए गए थे लेकिन बाद में बिना पर्याप्त सूचना दिए उनके बीसी कोड बंद किए जाने लगे, जिससे कई युवाओं का रोजगार संकट में पड़ गया है। कियोस्क संचालकों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर कम्प्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट एवं अन्य आवश्यक उपकरणों पर लाखों रुपये खर्च किए।

उनका आरोप है कि कुछ समय संचालन के बाद अचानक कोड बंद करने की चेतावनी दी गई और कथित रूप से अतिरिक्त पैसों की मांग भी की गई। उनका कहना है कि इससे न केवल उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ, बल्कि परिवार की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है। कियोस्क संचालकों ने बताया कि वे इस मामले में न्यायालय की शरण लेने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाएए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।

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10 कियोस्क सेंटरो को बीसी कोड बंद

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के रीवा रीजनल आफिस से जुड़े 10 कियोस्क संचालकों के बीसी कोड बंद कर दिये गये। कोड बंद किये गये कियोस्क संचालकों में मोहित चौहान महराजपुर सीधी, सुशील कुमार पाण्डेय मझिगवां ट्रांसपोर्ट नगर सतना, अवधेश कुमार विश्वकर्मा अरगट शाखा बघवार, धु्रव कुमार कश्यप सिविल लाइन सतना, प्रदीप कुमार सिंह सिविल लाइन सतना, अभिषेक पाण्डेय यूनियन प्रीमियर सीधी मेन बाजार पडऱा, शाश्वत जायसवाल यूनियन प्रीमियर सीधी मेन बाजार, गुरू प्रसाद जायसवाल बढ़ौरा टिकरी, बृजेश कुमार गुप्ता बढ़ौरा हर्दिहा कोठार, महक बेगम रामपुर बघेलान शामिल हैं।

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इनका कहना है

विभिन्न बैंकों के कियोस्क सेंटर संचालन की व्यवस्था कम्पनियों के माध्यम से होती है। शिकायत के आधार पर कियोस्क सेंटर का बीसी कोड बंद किया जाता है। बीसी कोड बंद करने के पूर्व कम्पनी को नोटिस देकर जवाब लेना अनिवार्य नहीं होता है। निश्चित ही कोई बड़ी शिकायतें सामने आयी हों, इसी वजह से बीसी कोड बंद किया गया गया है। सीधी जिले से कियास्क सेंटरों को लेकर बड़ी शिकायतें सामने आई हैं। इसी वजह से हमारे बाहर से आने वाले अधिकारी 3 दिन तक सीधी जिले में विजिट कर आवश्यक जानकारी लेकर कार्यवाई करेंगे।

नवीन निश्चल, रीजनल हेड यूनियन बैंक रीवा संभाग

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