
नयी दिल्ली, 02 मार्च (वार्ता) स्पोर्ट्स में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदार की एक अनोखी पहल के तहत आठ मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय के (अचीविंग स्पोर्ट्स माइलस्टोन बाय इंस्पायरिंग वीमेन थ्रू एक्शन) अस्मिता कार्यक्रम के तहत देशभर में 250 जगहों पर एथलेटिक्स लीग का आयोजन किया जायेगा।
खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने आज यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एथलेटिक्स लीग की घोषणा करते हुए कहा, “पूरे देश में हमारी युवा महिलाओं को जोड़ने का इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता और अस्मिता प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से बेहतर टूल और क्या हो सकता है, जो पहले से ही पूरे देश में प्रसिद्ध हो रहा है।”
श्रीमती खडसे ने कहा कि देश भर में 250 जगहों पर स्पर्धाएं होंगी, जिनमें अंडर-13, 13से 18 प्लस साल और 18 प्लस वर्ग के एथलेटिक्स (100मी, 200मी, 400मी) स्पर्धा करेंगे। हर जगह पांच तकीनीकी अधिकारी , 10 वॉलंटियर, एक प्रतियोगिता मैनेजर, एक पास्ट चैंपियन एथलीट (पीसीए) और डिस्ट्रिक्ट यूथ ऑफिसर तैनात होंगे। उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के लिए एक ही दिन में रिकॉर्ड 2,50,000 महिलाएं हिस्सा लेंगी। यह पहल माय भारत, खेलो इंडिया सेंटर्स (केआईसी), साई इकोसिस्टम और एनसीओई, स्टेट और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के साथ-साथ डिस्ट्रिक्ट यूथ ऑफिसर्स (डीवाईओ) के सहयोग से लागू की जाएगी।
उन्होंने कहा, “लीग 30 से ज़्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑर्गनाइज़ की जाएगी, जिसमें नॉर्थ-ईस्ट के राज्य भी शामिल हैं। इसका मकसद गांवों और छोटे शहरों की अधिक से अधिक लड़कियों को स्पोर्ट्स को करियर के तौर पर अपनाने के लिए बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा हमें यह समझना होगा कि तैयारी जिला स्तर से शुरू होती है। ओलंपिक गेम्स मेजबानी करने के लिए ना सिर्फ ढांचे, ब्लकि भारत के हर जिले में ट्रेंड ह्यूमन रिसोर्स की जरूरत होती है। इसके लिए मान्यता प्राप्त तकनीकी अधिकारियों, श्रेष्ठ प्रबंधन की जरूरत होती है। यह अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पहल उसी तैयारी का हिस्सा है।”
