नागरिकों की क्षमता और उत्पादकता से होती है विकसित राष्ट्र की पहचान : रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली, 11 जून (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि विकसित राष्ट्र की पहचान केवल आर्थिक या तकनीकी विकास से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की क्षमता और उत्पादकता से होती है।

श्रीमती गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में गुरुवार को दिल्ली देश की राजधानी के विकास और ‘विकसित भारत-2047’ के निर्माण में दिल्ली की भूमिका पर अपना विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र की पहचान केवल आर्थिक या तकनीकी विकास से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की क्षमता और उत्पादकता से होती है। उन्होंने रेखांकित किया कि दिल्ली देश के परिवर्तन को गति देने वाला एक सशक्त इंजन बनकर उभरी है। उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही क्रांतिकारी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा देश के सामने रखा और बताया कि उनकी सरकार राजधानी को ‘विकसित दिल्ली’ बनाने के लिए लगातार गंभीर प्रयास कर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के सफल और गौरवशाली 12 वर्षों का ऐतिहासिक कार्यकाल पूरा करने पर दिल्ली की जनता की ओर से शुभकामनाएं दी। उन्होंने विशेष आभार जताते हुए कहा कि राजनीतिक परिदृश्य कुछ भी रहा हो, लेकिन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री सदैव दिल्ली को मजबूत करने के लिए साथ खड़े रहे हैं, जिसके तहत केंद्र की सहायता से दिल्ली में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का विशाल ‘रोड इंफ्रास्ट्रक्चर’ तैयार किया जा रहा है। उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों पर पड़ोसी राज्यों के साथ एक विशेष ‘कोऑर्डिनेशन टीम’ का गठन हो चुका है। यह टीम राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर यमुना नदी के अविरल स्वरूप को वापस लौटाने और प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक सुनियोजित रूप से कार्य की शुरुआत कर चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं में होने वाले ‘ड्रॉपआउट’ को कम करने के लिए छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की एक बेहद प्रभावी योजना शुरू की है। प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार में पूरी तरह से ‘ई-फाइल’ और डिजिटलाइजेशन लागू हो चुका है तथा नए ‘कंट्रोल एंड कमान सेंटर’ स्थापित किए हैं, जबकि ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत अधिकारियों की लगातार ट्रेनिंग हो रही है। परिवहन क्षेत्र में सुरक्षा और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच के लिए 3 नए ‘ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन’ तैयार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप एक बड़े परिवर्तन से गुजर रही है। सरकार मिशन मोड में स्कूलों की संरचना और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर काम कर रही है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में दिल्ली सरकार ने 75 ‘सीएम श्री स्कूल’ स्थापित किए हैं । डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली ने अभूतपूर्व प्रगति की है। सरकारी स्कूलों में 8,777 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम बनाए जा चुके हैं। पिछले एक वर्ष में 125 डिजिटल पुस्तकालय, 175 कंप्यूटर प्रयोगशालाएं और 125 भाषा प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इस वर्ष से मूल्यांकन और परीक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने तथा छात्रों के लिए व्यक्तिगत शिक्षण मार्ग तैयार करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को एकीकृत करने की एक नई योजना शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए दिल्ली के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 9 उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की गई है, जहां औद्योगिक स्वचालन, रोबोटिक वेल्डिंग, सेमीकंडक्टर और स्मार्ट एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा और पीएम-सेतु योजनाओं को भी सक्रियता से लागू कर रही है। दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय (डीटीयू, एनएसयूटी, आईआईआईटीडी आदि) विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर अनुसंधान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली सरकार ने अस्पतालों का उन्नयन कर सेवाओं को सुदृढ़ किया है। द्वारका में दिल्ली का पहला ‘ब्रेन हेल्थ क्लिनिक’ स्थापित किया गया है। सरकार पीपीपी मॉडल के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी नैदानिक सुविधाएं देने जा रही है, जबकि 150 डायलिसिस केंद्र पहले से संचालित हैं। दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चालू किए जा चुके हैं और इस वर्ष 750 और केंद्र खोलने का लक्ष्य है।

उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ के तहत प्रशिक्षण, भागीदारी समर्थन और सरकारी नौकरी के अवसर दिए जा रहे हैं। दिल्ली में खेलो इंडिया केंद्रों की संख्या 5 से बढ़ाकर 11 कर दी गई है और आधुनिक खेल पुनर्वास केंद्र की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि ‘दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26’ देश का सबसे बड़ा खेल आयोजन बनकर उभरा, जिसमें 25,000 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा शिक्षा महाकुंभ, नमो विद्या उत्सव और नमो रन जैसे आयोजनों ने युवाओं में स्वास्थ्य और सकारात्मकता का संचार किया है।

 

 

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