जयपुर, (वार्ता) राजस्थान में राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को बहुचर्चित फर्जी डिग्री घोटाले से जुड़े मामले में ओम प्रकाश जोगेंद्र सिंह (ओपीजेएस) विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह की चौथी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा।
यह मामला चूरू स्थित ओपीजीएस विश्वविद्यालय से जुड़ा है, जिस पर हजारों फर्जी और पिछली तारीखों में डिग्रियां जारी करने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, विश्वविद्यालय ने मान्यता के बिना कई विषय चलाकर छात्रों को डिग्रियां दीं, जिनका उपयोग सरकारी नौकरियों और अन्य कार्यों में किया गया।
जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रमिल कुमार माथुर की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इन्कार कर दिया। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और व्यापक स्तर पर अनियमितता सामने आयी है। मामले की परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं आया है।
जांच में सामने आया है कि विश्वविद्यालय ने हजारों छात्रों को अवैध तरीके से डिग्रियां जारी कीं, जिनमें बीएड, बीपीएड और अन्य कोर्स शामिल हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें बिचौलियों की भी भूमिका सामने आई है।
इस मामले में पहले भी विश्वविद्यालय के संस्थापक और अन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा था, जिसने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित किया।
