
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर बड़े प्रशासनिक फेरबदल को मंजूरी देते हुए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में 45 से अधिक अधिकारियों की नियुक्ति की है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा स्वीकृत इन नियुक्तियों में अधिकांश पद पे मैट्रिक्स के लेवल-14 पर हैं। इस व्यापक बदलाव का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता और नेतृत्व को मजबूत करना बताया गया है।
प्रमुख नियुक्तियों में वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी कपिल मीणा को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल जनवरी 2027 तक रहेगा। जी वेंकटेश (आईसीओएएस, 1997) को रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है, जबकि प्रियंका दास (आईएएस, 2009) को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जवाहर पक्किरीसामी (आईएएस, 2007) को मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। रक्षा विभाग में प्रीति मीणा (आईएएस, 2010), शैलेश कुमार चौरसिया (आईएएस, 2007) और विनोद कुमार (आईआरएसएमई, 1998) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। वहीं अजीत कुमार श्रीवास्तव (आईआरएएस, 1999) को इसी विभाग में अतिरिक्त वित्तीय सलाहकार एवं संयुक्त सचिव बनाया गया है।
विपुल अग्रवाल (आईपीएस, 2001) को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में नियुक्त किया गया है। आर्थिक मामलों के विभाग में साक्षी मित्तल और लाया मद्दुरी को संयुक्त सचिव बनाया गया है। प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ पदों का अस्थायी उन्नयन और अवनयन भी किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुत्थुकुमार अलगुमुथु और प्रभाकर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। गृह मंत्रालय में महात्मे संदीप नामदेव और राकेश राठी की नियुक्ति की गई है, जबकि कर्मा आर बोनपो को सिक्किम में जनगणना संचालन निदेशक बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में एस तेजस्वी नाइक को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, परिकीपंडला नरहरि को भूमि संसाधन विभाग और कुलवीर सिंह यादव को खान मंत्रालय में जिम्मेदारी सौंपी गई है। हार्दिक सतीशचंद्र शाह को प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में संयुक्त सचिव स्तर पर नियुक्त किया गया है।
यह फेरबदल ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क, वस्त्र, पर्यटन और अंतरिक्ष जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भी शामिल करता है, जो व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन को दर्शाता है। अधिकारियों की नियुक्तियां उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी और निर्धारित कार्यकाल या अगले आदेश तक लागू रहेंगी।
