सुप्रीम कोर्ट ने एक ही वकील की ओर से पेश 25 जनहित याचिकाएं खारिज कीं

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक ही याचिकाकर्ता की ओर से व्यक्तिगत रूप से दायर 25 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पांचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता वकील सचिन गुप्ता को जनहित याचिकाएं दायर करने के बजाय अपनी वकालत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने टिप्पणी की, “पेशे पर ध्यान केंद्रित करें। जब सही समय होगा, हम मामलों पर भी विचार करेंगे। लेकिन पहले संवेदनशील बनें और मुद्दों को गहराई से समझें।”

अदालत के समक्ष पेश याचिकाओं में कई तरह की मांगें की गयी थीं। इनमें देश में प्रचलित सभी भाषाओं और बोलियों के शब्दों को मिलाकर भारत में एक सामान्य संपर्क भाषा विकसित करने की नीति, टेलीविजन पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम के लिए नीति और साबुनों में रसायनों के उपयोग पर नीति बनाना शामिल था। इसके अलावा साबुनों में केवल ऐसे रसायनों की अनुमति देने की मांग की गयी थी, जो हानिकारक बैक्टीरिया को मारते हों न कि त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बैक्टीरिया को। याचिकाओं में अखिल भारतीय स्तर पर खाद्य/एफएसएसएआई पंजीकरण अभियान के लिए नीति बनाने जैसी मांगें भी शामिल थीं।

याचिकाकर्ता ने याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे पीठ ने मंजूर कर लिया।

पीठ ने उन लोगों की भी आलोचना की, जो ‘पीआईएल की दुकानें’ चला रहे हैं। अदालत का इशारा तुच्छ मुद्दों पर बड़ी संख्या में दायर की जाने वाली जनहित याचिकाओं की ओर था।

 

Next Post

दिल्ली में एक्सपायर हो चुके उत्पादों को बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़

Fri Apr 10 , 2026
नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कापसहेड़ा बॉर्डर के पास एक्सपायर हो चुके खाद्य और कॉस्मेटिक उत्पादों के भंडारण व बिक्री से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़ कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना मिलने के बाद सेंट्रल रेंज की […]

You May Like