सिंगरौली: शासकीय भूमि, वन भूमि व एग्रीमेंट भूमि पर बसे लोगों की मांगों को दरकिनार कर रहा एनसीएल प्रबंधन ने 12 जून को चर्चा के लिए आंदोलनकारियों को बुलाया है। गौरतलब है हाल में हुए आंदोलन का नेतृत्व पूर्व विधायक रामलल्लू बैस ने किया था। जिन्होंने 18 मई को हुई जनसभा में ही यह बात साफ कर दी थी कि यदि एनसीएल प्रबंधन इस बारे में कोई दिलचस्पी नहीं दिखता तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन के सूत्रधार मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के राष्ट्रीय महासचिव अमित तिवारी ने पत्र जारी कर और बैठक करके भी एनसीएल को चेताया था। जिसके बाद एनसीएल ने संघर्ष समिति को पत्र जारी कर 12 तारीख के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित कर दिया।
समिति द्वारा आगामी बैठक में पट्टे धारकों के तर्ज पर शासकीय भूमि पर बसे लोगों को भी संपूर्ण लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इधर संघर्ष समिति के नेताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि बैठक में उनकी 10 सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में भी और बड़ा आंदोलन करने के लिए वे बाध्य होंगे।
