नयी दिल्ली 17 अप्रैल (वार्ता) डेलॉयट इंडिया ने सैप और अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) के साथ गठबंधन में नियर जीरो कॉस्ट माईग्रेशन प्रोग्राम शुरू किया है।
कंपनी ने आज यहां कहा कि यह सैप के मौजूदा ईआरपी ग्राहकों को सैप एस/4एचएएमए क्लाउड के साथ एआई पॉवर्ड राइज में परिवर्तन की गति में तेजी लाने के लिए डिज़ाईन की गई एक संयुक्त पहल है। यह प्रोग्राम माईग्रेशन की प्रक्रिया को तेज करेगा एवं उसे सरल बनाएगा, जिससे व्यवसायों को बेहतर क्षमताएं और सैप क्लाउड ईआरपी के फायदे तथा सस्टेनेबल एवं हाई परफॉर्मेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राप्त हो सकेंगे। नियर जीरो माईग्रेशन प्रोग्राम एक एक्सक्लुसिव ऑफर है, जो भारत में जुलाई 2025 तक उपलब्ध रहेगा। इसमें भाग लेने वाले उद्यमों को संरचनाबद्ध मार्गदर्शन, प्रमाणित सुझाव, सुरक्षा के सिद्धांत तथा सुगम परिवर्तन के लिए हर कदम पर बेहतर सपोर्ट प्रदान की जाएगी।
यह प्रोग्राम संगठनों को अपने ईआरपी में परिवर्तन लाने तथा अपफ्रंट लागत को कम करने में समर्थ बनाता है। यह व्यवसायों को डेलॉयड, सैप और एडब्लूएस के लागत-प्रभावी और संयुक्त संसाधनों का उपयोग करते हुए परिवर्तन को सुगम बनाने और इसमें लगने वाले समय में कमी लाने का अद्वितीय अवसर है।
नियर जीरो कॉस्ट प्रोग्राम डेलॉयट की विस्तृत औद्योगिक विशेषज्ञता तथा फ्रेमवर्क का उपयोग कर माईग्रेशन की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाता है। इसमें एआई-संचालित टूल्स और एक्सेलरेटर शामिल हैं, जिनमें माईग्रेटएक्स माईग्रेशन की प्रक्रिया के मुख्य पहलुओं, जैसे एसेसमेंट, सैप नोट एनालिसिस, सीवीआई डुप्लिकेशन एवं टेस्टिंग को ऑटोमेट करता है। उच्च उपलब्धता और जीरो डेटा लॉस के विकल्स के साथ डिज़ास्टर रिकवरी प्रदान करने वाले एडब्लूएस सैप के क्लाउड एक्सपीरियंस और एंड-टू-एंड सिक्योरिटी के साथ ग्राहकों को लचीली और प्रभावशाली यूनिफाईड माईग्रेशन सपोर्ट भी प्राप्त होती है।
डेलॉयट साउथ एशिया के पार्टनर एवं सैप ऑफरिंग्स लीडर आनंद राजगोपालन ने कहा, “ एंटरप्राईज़ मॉडर्नाईज़ेशन का संरचनाबद्ध, प्रभावशाली और मूल्य आधारित होना आवश्यक है। यह पहल आईटी परिवर्तन को व्यवसायिक उद्देश्यों के अनुरूप बनाकर उद्यमों को कम से कम बाधा के साथ माईग्रेशन की चुनौतियों का सामना करने में समर्थ बनाती है। डेलॉयट, सैप और एडब्लूएस की संयुक्त विशेषज्ञता द्वारा संगठन क्लाउड ईआरपी में सुगमता से प्रवेश कर अपने ऑपरेशंस में सुधार ला सकते हैं तथा अपनी स्केलेबिलिटी, एजिलिटी एवं इनोवेशन की क्षमता बढ़ा सकते हैं।”
सैप इंडियन सबकॉन्टिनेंट के चीफ पार्टनर ऑफिसर नितिश अग्रवाल ने कहा, “ हम ग्राहकों को डिजिटल परिवर्तन में तेजी लाने में समर्थ बना रहे हैं। वो क्लाउड टेक्नोलॉजी की पूरी क्षमता का उपयोग करके ज्यादा तेजी से इनोवेट कर सकते हैं, ज्यादा प्रभावी तरीके से संचालन कर सकते हैं और अपने दीर्घकालिक सामरिक उद्देश्य प्राप्त कर सकते हैं। हम मिलकर आईटी परिदृश्य में परिवर्तन लेकर आ रहे हैं और संगठनों को अपने ऑपरेशंस को फ्यूचर-प्रूफ बनाने में मदद कर रहे हैं, ताकि तेजी से विकसित होती हुई डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनका स्थायी महत्व स्थापित हो सके।”
एडब्लूएस इंडिया एवं साउथ एशिया के हेड ऑफ पार्टनर बिज़नेस प्रवीण श्रीधर ने कहा, “नियर ज़ीरो कॉस्ट माईग्रेशन प्रोग्राम संगठनों को एडब्लूएस क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं डेलॉयट की अग्रणी विशेषज्ञता के साथ अपने सैप एनवायरनमेंट को आधुनिक बनाने का व्यवस्थित मार्ग प्रदान करता है। डेलॉयट और सैप के साथ हमारा सहयोग एक यूनिफाईड एवं ऑटोमेटेड दृष्टिकोण प्रदान करेगा ताकि संगठनों के डिजिटल परिवर्तन में तेजी आ सके और उनकी ऑपरेशनल उत्कृष्टता लगातार बनी रहे।”
