ग्वालियर:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मध्यप्रदेश सरकार के बजट को गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त जनता के लिए निराशाजनक निरूपित किया है। भाकपा ने बजट के प्रस्तावों में जनहित से जुड़ी भाकपा की मांगों की उपेक्षा करने पर प्रदेश की भाजपा सरकार की कड़ी भर्त्सना की है।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य कौशल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के बजट में गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई प्रभावकारी प्रस्ताव नहीं है।
पेट्रोलियम पदार्थों पर मध्य प्रदेश सरकार ने अपना भारी टैक्स कम नहीं किया। भाजपा द्वारा चुनावों मे किए वादे भी पूरे नहीं किए गए। चतुर्थ श्रेणी में सरकारी नौकरी बन्द है । विभिन्न विभागों में लाखों पद रिक्त हैं। लेकिन सरकार ने सिर्फ पुलिस विभाग में 22 हजार पदों और शिक्षा विभाग में 15 हजार पदों पर नियुक्ति करने का प्रस्ताव किया है। किसानों को उनकी फसल का समर्थन मूल्य देने का कोई प्रावधान नहीं है। सरकार ने राज्य परिवहन निगम पुनः शुरू करने के लिए मैदानी ढांचा तैयार करने के लिए भी बजट में कोई कार्य योजना नहीं बनाई है। मध्य प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों की खस्ता हालत दुरुस्त करने के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं है।
